Tuesday, April 28, 2026

Digital Arrest पर Government का एक्शन! अब SIM के बायोमेट्रिक हुई आवश्यक WhatsApp लाएगा नया फीचर

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Digital Arrest:देश में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक बड़ा एक्शन प्लान रखा है. गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपनी डिटेल रिपोर्ट में कहा कि इस साइबर क्राइम से निपटने के लिए टेलीकॉम विभाग, RBI, टेक कंपनियों और जांच एजेंसियों के साथ मिलकर मल्टी-लेवल एक्शन लिया जा रहा है.

Digital Arrest(photo credit -google)

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दाखिल की गई इस रिपोर्ट में बताया गया कि वॉट्सऐप ने पिछले 12 हफ्तों में डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से जुड़े 9,400 अकाउंट्स ब्लॉक किए है. इसके साथ ही प्लेटफॉर्म अब उन अकाउंट्स को भी ट्रैक कर रहा है जो पुलिस या सरकारी एजेंसियों के लोगो का गलत इस्तेमाल करते हैं.

नए सिक्योरिटी फीचर्स की तैयारी

रिपोर्ट के अनुसार, वॉट्सऐप जल्द ही ऐसे फीचर्स लाने वाला है जिससे यूजर्स को अलर्ट मिलेगा अगर कॉल किसी अनजान या शक वाले अकाउंट से आ रही हो. इसके साथ ही, संदिग्ध कॉलर्स की प्रोफाइल फोटो को अपने-आप हाइड करने की भी तैयारी है ताकि फ्रॉड करने वाले अफसर बनकर लोगों को गुमराह न कर सकें.

Digital Arrest(photo credit -google)

2-3 घंटे में फर्जी SIM होगी ब्लॉक

टेलीकॉम विभाग और टेलीकॉम कंपनियों ने मिलकर नकली SIM कार्ड्स पर तुरंत एक्शन का प्लान बनाया है. अब टारगेट है कि किसी भी संदिग्ध SIM की पहचान होने के 2 से 3 घंटे के अंदर उसे ब्लॉक कर दिया जाए.

CBI करेगी बड़े केसों की जांच

CBI ने फैसला लिया है कि 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी वाले मामलों की जांच अब वह खुद करेगी.
फिलहाल तीन बड़े केस फिर से दर्ज किए गए हैं, जिनमें दिल्ली का एक केस भी है, जहां एक शख्स से 22.92 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ.

बायोमेट्रिक सिस्टम होगा लागू

सरकार एक नई बायोमेट्रिक आइडेंटिटी वेरिफिकेशन सिस्टम (BIVS) शुरू करने की तैयारी में है, जिससे पूरे देश में SIM जारी करने पर रियल-टाइम नजर रखी जा सके. इसे दिसंबर 2026 तक लागू करने का टारगेट रखा गया है.

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RBI की नई SOP

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों के लिए नई SOP जारी की है, जिसके तहत शक वाले ट्रांजैक्शन को तुरंत रोकने के आदेश दिए गए हैं ताकि मनी म्यूल नेटवर्क पर कंट्रोल किया जा सके.

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर खुद संज्ञान लेते हुए सभी एजेंसियों को मिलकर एक मजबूत फ्रेमवर्क बनाने का आदेश दिया था, जिसमें पीड़ितों को मुआवजा देने का सिस्टम भी शामिल है.

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केंद्र की अपील

केंद्र सरकार ने कोर्ट से मांग की है कि टेलीकॉम कंपनियों को नियमों को सख्ती से फॉलो करने और नए सिस्टम को जल्द से जल्द लागू करने का निर्देश दिया जाए, ताकि डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर क्राइम पर सख्ती से रोक लगाई जा सके.

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