AAP:राज्यसभा का सियासी गणित पूरी तरह बदल गया है, क्योंकि आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने को हरी झंडी मिल गई है. इस निर्णय से सदन के आंकड़े प्रभावित हुए हैं और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है.

राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को औपचारिक मंजूरी दे दी है.इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप की ताकत घट गई है.संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सातों सांसदों को अब भाजपा के सदस्य के तौर पर दिखाया जा रहा है, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह पलट गए है.
इन सांसदों का विलय कैसे हुआ?
सूत्रों के मुताबिक, इन सभी सांसदों ने शुक्रवार को सभापति को पत्र लिखकर खुद को भाजपा का सदस्य मानने का आग्रह किया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है.आप (AAP) के लिए इसे बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है, क्योंकि इन सात सांसदों ने पार्टी पर उसकी बुनियादी विचारधारा और सिद्धांतों से हटने का आरोप लगाकर भाजपा का दामन थामने का फैसला किया था.
AAP ने जताया विरोध, सदस्यता रद्द करने की मांग की
दूसरी तरफ, आप ने रविवार को सभापति के सामने याचिका दाखिल कर इन सातों सांसदों की सदस्यता खत्म करने की अपील की थी.पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इन नेताओं के पाला बदलने पर अयोग्य ठहराने की मांग उठाई है.

शुक्रवार को आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले सात सांसदों में राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, अशोक कुमार मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी का नाम शामिल है. इस घटनाक्रम ने राज्यसभा का राजनीतिक गणित पूरी तरह से बदलकर रख दिया है.
किरण रिजिजू ने BJP में एंट्री पर जताई खुशी
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आम आदमी पार्टी से आए सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने का स्वागत किया है.उन्होंने कहा कि इन सांसदों ने सदन में हमेशा गरिमापूर्ण आचरण रखा और कभी अमर्यादित भाषा या अनुशासनहीनता नहीं दिखाई. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रिजिजू ने बताया कि राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने इन सात सांसदों के विलय को मंजूरी दे दी है.अब राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी औपचारिक रूप से भाजपा संसदीय दल के सदस्य बन गए है.

रिजिजू ने कहा कि वे लंबे समय से इन सांसदों की कार्यशैली देख रहे हैं और इनका व्यवहार हमेशा सम्मानजनक रहा है. उन्होंने सभी को NDA परिवार में शामिल होने पर बधाई दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह फैसला देश निर्माण के लिए एक अच्छा कदम है.
राज्यसभा में भाजपा की ताकत 113 हुई
पहले उच्च सदन में आप के 10 सदस्य थे, जो अब घटकर सिर्फ 3 बचे हैं. इस सियासी उलटफेर का सीधा फायदा भाजपा को हुआ है.उसकी सदस्य संख्या 106 से बढ़कर 113 हो गई है, जिससे राज्यसभा में पार्टी की स्थिति और मजबूत हो गई है.
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