TRP:रवि दुबे और सरगुन मेहता ने अपने करियर की शुरुआत टीवी एक्टिंग से की थी. मगर आज ये दोनों इंडस्ट्री के बड़े नाम बन गए है इनके प्रोडक्शन हाउस के बनाए शोज टीवी पर राज कर रहे हैं.रवि दुबे और सरगुन मेहता एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की वो पावर कपल जो कभी अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों के दिलों पर छाई रही.लेकिन अब एक्टिंग के साथ-साथ प्रोडक्शन की दुनिया में भी इन्होंने अपना सिक्का जमा लिया है.एक्टिंग में नाम कमाने के बाद रवि-सरगुन ने प्रोडक्शन फील्ड में ऐसी एंट्री मारी कि टीवी के बड़े प्रोड्यूसर्स भी पीछे रह गए.रवि-सरगुन की हिट जोड़ी ने एकता कपूर, राजन शाही जैसे दिग्गज निर्माताओं के शोज को भी मात दे दी है.

रवि-सरगुन के शोज का दर्शकों पर जादू
इस पावर कपल ने अपने प्रोडक्शन हाउस “ड्रीमियाता ड्रामा” के बैनर तले कई नए, दिलचस्प और असरदार कंटेंट लॉन्च किए है. इस बैनर के तहत वो टीवी सीरियल, पंजाबी फिल्में, म्यूजिक वीडियो और डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूस करते है. 2021 में ‘उडारियां’ शो से शुरू हुआ उनका ये सफर 6 सालों में सुपरहिट साबित हुआ है. इस प्रोडक्शन हाउस ने ‘जुनूनियत’, ‘स्वर्ण घर’, ‘दालचीनी’, ‘गंगा माई की बिटियां’, ‘चंपा लीला’, ‘दिल को रफू कर ले’, ‘बादल पे पांव है’, ‘लवली लोला’, ‘हाले-दिल’ जैसे शोज बनाए है. ये सभी शोज हिट रहे है.
फिलहाल रवि-सरगुन के प्रोडक्शन का जीटीवी शो ‘गंगा माई की बिटियां’ TRP में नंबर 1 पर है.इस शो ने ‘अनुपमा’, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ जैसे टॉप शोज को पीछे छोड़ दिया है.रवि-सरगुन के शोज ने टीवी दर्शकों के बीच एंटरटेनमेंट का पूरा खेल बदल दिया है.अब तक सास-बहू ड्रामा देखने वाले दर्शक रवि-सरगुन के बैनर के रिलेटेबल और इमोशनल शोज से ज्यादा कनेक्ट कर रहे है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ‘ड्रीमियाता ड्रामा’ प्रोडक्शन हाउस ऐसा क्या दिखा रहा है जो बाकी मेकर्स से अलग है.

रवि-सरगुन के कंटेंट में क्या है अलग?
रवि-सरगुन के प्रोडक्शन हाउस के शोज की सबसे बड़ी ताकत उनकी कहानी है.उनका बैनर दर्शकों के लिए नई और हटके कहानियां लेकर आता है.ये कहानियां पुराने सास-बहू ड्रामे से बिल्कुल अलग हैं इनमें रोमांस, इमोशन, फैंटेसी के साथ-साथ यंग जनरेशन की पसंद का भी ख्याल रखा गया है.रवि-सरगुन ने यंग ऑडियंस को फोकस किया है. उन्हें पता है कि आज के यूथ को क्या पसंद है. इन्होंने सिर्फ घरेलू महिलाओं को सेंटर में रखकर शो नहीं बनाए है.
इनका कंटेंट टीवी और OTT दोनों के व्यूअर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है. कई शोज सालों से चल रहे हैं, लेकिन रवि-सरगुन के शोज की कहानी लिमिटेड एपिसोड्स में बंधी होती है. कम एपिसोड और तेज रफ्तार स्टोरीटेलिंग ही इन्हें मार्केट में बाकी मेकर्स से अलग बनाती है.

“गंगा माई की बिटियां” क्यों बना नंबर 1?
जीटीवी के इस शो में एक ऐसी मां की जर्नी दिखाई गई है जिसे बेटा न होने के कारण पति छोड़कर चला जाता है. मगर वो हिम्मत नहीं हारती. अपने दम पर तीन बेटियों की परवरिश करती है.शो में दिखाया गया फैमिली बॉन्ड, मां-बेटियों का रिश्ता, इमोशनल टच और सोशल मैसेज दर्शकों को बांधे रखता है.महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दे को यहां एंटरटेनमेंट और इमोशन्स के साथ पेश किया गया है

शो का मैसेज साफ है – बेटियां बोझ नहीं, ताकत हैं. वाराणसी का कल्चर और लोकल फ्लेवर भी लोगों को शो से जोड़ता है.बाकी टीवी शोज की तरह यहां भी विलेन हैं, लेकिन निगेटिविटी को लिमिट में रखकर दिखाया गया है. कुल मिलाकर कहानी रिलेटेबल है, ड्रामा जरूरत से ज्यादा नहीं है.जबरदस्ती सनसनी फैलाने की कोशिश नहीं की गई है.
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