Friday, May 15, 2026

Rahul Gandhi का मोदी सरकार पर हमला! बोले -” ट्रेड डील नहीं अदाणी की रिहाई का सौदा किया..”

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Rahul Gandhi: कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील देश के फायदे के लिए नहीं, बल्कि बिजनेसमैन गौतम अदाणी को फायदा पहुंचाने के लिए की गई है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सौदा करने वाले प्रधानमंत्री ने ट्रेड एग्रीमेंट नहीं, बल्कि अदाणी की रिहाई की डील की है.

Rahul Gandhi (photo credit -google)

राहुल गांधी का यह बयान उन खबरों के बाद सामने आया है जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिकी सरकार गौतम अदाणी के खिलाफ चल रहे केस को खत्म करने पर राजी हो गई है. असल में, अमेरिका में दर्ज इस मुकदमे में आरोप था कि अदाणी ग्रुप ने भारत में अपने बड़े सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट को बढ़ाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत से जुड़ी स्कीम को छिपाया और इन्वेस्टर्स को गलत जानकारी दी. गुरुवार को सामने आए कोर्ट के कागजात के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन इस केस को सेटल करने के लिए सहमत हो गया है.

जयराम रमेश के तीखे सवाल

कांग्रेस महासचिव और कम्युनिकेशन इंचार्ज जयराम रमेश ने भी पीएम मोदी पर हमला बोला.उन्होंने कहा कि अब साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ एकतरफा और US के हित वाला ट्रेड एग्रीमेंट क्यों मंजूर किया.

Rahul Gandhi (photo credit -google)

जयराम रमेश ने X पर पोस्ट करके लिखा कि अब यह भी क्लियर हो गया है कि प्रधानमंत्री ने 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर अचानक क्यों बंद कर दिया था. उनके मुताबिक पीएम ने देशहित की जगह राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों के आगे झुकते हुए यह कदम उठाया.

रमेश ने आगे आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन अदाणी के खिलाफ करप्शन से जुड़े सारे केस हटाने की तैयारी कर रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री आखिर और कितने समझौते करेंगे?

पूरा मामला क्या है?

यह केस 2024 के अंत में अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन यानी SEC की तरफ से दायर किए गए मुकदमे से जुड़ा है. मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी ने 2020 से 2024 के दौरान भारतीय सरकारी अधिकारियों को करीब 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने की मंजूरी दी थी.आरोपों के मुताबिक, यह रिश्वत भारत में सोलर एनर्जी सप्लाई के बड़े और मुनाफे वाले कॉन्ट्रैक्ट पाने के लिए दी गई थी. इन कॉन्ट्रैक्ट्स से 20 साल में लगभग 2 अरब डॉलर का प्रॉफिट होने का अनुमान था.

Rahul Gandhi (photo credit -google)

मुकदमे में आगे कहा गया था कि अदाणी ग्रुप ने अमेरिकी कंपनियों सहित कई संस्थानों से करीब 2 अरब डॉलर का लोन और बॉन्ड जुटाया था.लेकिन कंपनी ने अपनी एंटी-करप्शन पॉलिसी और प्रोसेस को लेकर गलत और भ्रामक जानकारी दी थी.हालांकि अदाणी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है.

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