Prateek Yadav Death:सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव (38) का बुधवार सुबह निधन हो गया.वह विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित अपने घर की रसोई में सुबह करीब चार बजे बेहोशी की हालत में पाए गए. इसके बाद प्रतीक के घरेलू सहायक ने सिविल अस्पताल को सूचना दी.डॉक्टरों की टीम उनके आवास पर पहुंची. वहां उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी.इसके बाद प्रतीक को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
प्रतीक यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे.KGMU में की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट और फेफड़ों में ब्लड क्लॉट बनने को मौत की वजह बताया गया. हालांकि गहन जांच के लिए विसरा और हृदय को सुरक्षित रख लिया गया है.पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के 6 निशान पाए गए. ये निशान करीब 7 से 10 दिन पुराने बताए गए हैं. इनमें से कोई भी चोट गंभीर नहीं थी.पुलिस के मुताबिक परिवार की तरफ से किसी के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है.
अपर्णा घर पर मौजूद नहीं थीं, मुंबई से लखनऊ पहुंचीं
जिस समय प्रतीक की तबीयत बिगड़ी, उस वक्त अपर्णा यादव मुंबई में थी. पति के निधन की सूचना मिलते ही वह दोपहर करीब 2 बजे लखनऊ पहुंची.इसके बाद परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस से प्रतीक का शव लेकर आवास पर आए.सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपर्णा के घर जाकर शोक संवेदना जताई और परिजनों को सांत्वना दी. अपर्णा के आवास के बाहर भाजपा और सपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा रही.
खबर मिलते ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अखिलेश
छोटे भाई के निधन की सूचना पाते ही अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए.उन्होंने कहा कि प्रतीक का स्वभाव बहुत अच्छा था और वह अपने काम व सेहत को लेकर काफी गंभीर रहते थे. उन्होंने बताया कि प्रतीक से अंतिम बार लगभग दो महीने पहले मुलाकात हुई थी. उस वक्त भी मैंने उसे सेहत का ख्याल रखने की सलाह दी थी.वह बिजनेस में कुछ बड़ा करना चाहता था.अब वह हमारे बीच नहीं रहा.यह बेहद दुखद है.अखिलेश ने कहा कि इस मामले में कानून जो कहेगा, परिवार जो चाहेगा, हम उसी के मुताबिक आगे बढ़ेंगे.
अचानक निधन से सभी हुए हैरान
प्रतीक यादव के अचानक निधन के बाद विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित उनके घर पर सुबह से ही शोक जताने वालों की भीड़ उमड़ने लगी. करीब दो सौ मीटर तक प्रतीक के चाहने वालों की लंबी लाइन लगी रही.हालात को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और मुख्य गेट से लेकर दो सौ मीटर तक पुलिस बल तैनात रहा.
सुबह आठ बजे से ही प्रतीक यादव के घर पर रिश्तेदारों, करीबी लोगों और समर्थकों का आना शुरू हो गया था. घर के मुख्य गेट से करीब सौ मीटर तक लोगों की लंबी कतारें दिखीं.हर कोई गमजदा था और हर आंख में आंसू थे.दोपहर दो बजे जब प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर उनके आवास लाया गया, तो वहां मौजूद लोगों का धैर्य टूट गया. परिवार के लोगों के रोने-चीखने और समर्थकों के सिसकने की आवाजें गूंज रही थी. सुबह से शाम तक मुख्य द्वार बंद रखा गया.
सिर्फ किसी खास व्यक्ति के आने पर ही गेट को कुछ मिनटों के लिए खोला जा रहा था. इस दुखद मौके पर परिवार को सांत्वना देने के लिए शहर की मेयर सुषमा खर्कवाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान और आयोग की कई अन्य सदस्याएं उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के घर पहुंची. घर के भीतर और बाहर मौजूद लोगों का भारी जमावड़ा इस बात का सबूत था कि प्रतीक का लोगों से कितना गहरा लगाव था.

19 जनवरी को प्रतीक और अपर्णा के बीच हुआ था विवाद, तलाक का किया था एलान
19 जनवरी को प्रतीक ने 8 घंटे के अंदर सोशल मीडिया पर दो पोस्ट शेयर कर अपर्णा को स्वार्थी और परिवार तोड़ने वाली कहकर तलाक लेने का एलान किया था. इस पर अपर्णा ने कई दिनों तक कोई जवाब नहीं दिया था. हालांकि, एक प्राइवेट न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने इसे साजिश करार दिया था और इसका खुलासा करने की बात कही थी.प्रतीक ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था कि मैं इस मतलबी औरत से जल्द से जल्द तलाक ले लूंगा.इसने मेरे पारिवारिक रिश्ते खराब कर दिए. इसका मकसद सिर्फ फेमस और ताकतवर बनना है.अभी मेरी मेंटल कंडीशन बहुत खराब है. इसे कोई फर्क नहीं पड़ता.इसे सिर्फ अपनी परवाह है. मैंने आज तक इतनी बुरी आत्मा नहीं देखी.मेरी बदकिस्मती थी कि मैंने इससे शादी की.
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