Pranit More:कॉमेडियन प्रणीत मोरे को राष्ट्रीय महिला आयोग यानी NCW ने तलब किया है. हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में की गई टिप्पणियों की वजह से प्रणीत और उनके साथ मौजूद कुछ अन्य लोग विवादों में घिर गए हैं.
दरअसल, प्रणीत मोरे के एक कॉमेडी शो का “370 की बिरयानी” वाला हिस्सा क्लिप के रूप में वायरल हो गया. इस दौरान महिलाओं को लेकर ऐसी बातें कही गईं जिन्हें कई लोगों ने आपत्तिजनक और अपमानजनक बताया. वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर नाराजगी बढ़ गई.
इस पूरे मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने प्रणीत मोरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रणीत मोरे समेत इस विवाद में शामिल अन्य लोगों को समन जारी कर दिया है.आयोग इस बात की जांच करना चाहता है कि वायरल वीडियो में महिलाओं के खिलाफ क्या कहा गया और इसके पीछे की पूरी स्थिति क्या है.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले को स्वतः संज्ञान में लिया
हरियाणा के गुरुग्राम में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे का एक लाइव शो आयोजित किया गया था. शो के दौरान हिमांशु जांगड़ा नामक व्यक्ति ने मंच पर एक किस्सा सुनाया, जिसे कई लोगों ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक और अनुचित माना.
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना की मीडिया में हुई कवरेज और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को राष्ट्रीय महिला आयोग ने खुद संज्ञान में लिया है.
शो के दौरान मंच से महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिस पर वहां मौजूद दर्शकों ने तालियां भी बजाई.आयोग अब इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है.
सुनवाई के लिए तलब किए गए प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस विवाद में कॉमेडियन प्रणीत मोरे और शो के दौरान किस्सा सुनाने वाले हिमांशु जांगड़ा को आधिकारिक समन भेजा है.आयोग ने मामले की सुनवाई 22 जून को शाम 4 बजे तय की है.
आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वायरल वीडियो में दिखाई गई सामग्री और जिस तरह मंच पर हुई टिप्पणियों को सामान्य बात बताकर हंसी-मजाक में उड़ाया गया, उस पर NCW ने कड़ी आपत्ति जताई है.आयोग का कहना है कि इस तरह के आचरण को मनोरंजन के नाम पर जायज ठहराना उचित नहीं है.
शो में महिलाओं की सहमति, सम्मान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को लेकर की गई बातें गंभीर चिंता का विषय हैं. राष्ट्रीय महिला आयोग का मानना है कि ऐसी घटनाएं समाज में महिलाओं की सुरक्षा और लैंगिक हिंसा को लेकर बनी सोच पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं.

हरियाणा पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग
मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने को कहा है.आयोग ने इस संबंध में सात दिन के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है.
NCW ने भारतीय न्याय संहिता और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत FIR की स्थिति, आरोपियों के खिलाफ अब तक उठाए गए कदमों, वायरल वीडियो की जांच और उसकी सत्यता, साथ ही आयोजन से जुड़े आयोजकों, कलाकारों और वेन्यू प्रबंधन की भूमिका की जानकारी मांगी है.
आयोग ने अपने बयान में कहा कि उसने राज्य पुलिस से यह भी पूछा है कि सार्वजनिक मनोरंजन मंचों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यौन उत्पीड़न, दबाव बनाने या महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं, ताकि ऐसे मंचों का दुरुपयोग न हो.
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