Tuesday, April 14, 2026

Asha Bhosale और Lata Mangeshkar की याद में बनेगा सबसे बड़ा हॉस्पिटल, भाई हृदयनाथ ने किया ऐलान

Must read

Asha Bhosale: प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले का 12 अप्रैल को निधन हो गया. सोमवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ.उनके निधन के बाद भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने एक बड़ा एलान किया है.उन्होंने कहा कि वे अपनी दोनों बहनों, भारत रत्न लता मंगेशकर और आशा भोसले की स्मृति में एक अस्पताल का निर्माण करवाएंगे.हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया कि यह अस्पताल दोनों सुर साम्राज्ञियों को समर्पित होगा और आम लोगों की सेवा के लिए बनाया जाएगा. यह उनकी बहनों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

Asha Bhosale and Lata Mangeshkar(Photo credit -google)

“मां और दीदी लता मंगेशकर का था सपना”:हृदयनाथ मंगेशकर

हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया कि जरूरतमंदों और गरीब लोगों की मदद के लिए एक अस्पताल बनाने का विचार उनकी मां और बड़ी बहन लता मंगेशकर का पुराना सपना था.

उन्होंने कहा कि लगभग 25 वर्ष पहले परिवार के सदस्यों और कुछ डॉक्टरों ने मिलकर इस सपने को साकार करने का भरपूर प्रयास किया था. काफी कोशिशों के बावजूद उस वक्त यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया था.हृदयनाथ के अनुसार, बाद में परिवार ने तय किया कि इस अस्पताल का निर्माण लता मंगेशकर के नाम पर किया जाएगा.इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं और योजना पर काम आगे बढ़ाया गया था.

16 अप्रैल को अस्पताल का उद्घाटन तय

लता मंगेशकर और आशा भोसले के भाई, प्रसिद्ध संगीतकार पंडित हृदयनाथ मंगेशकर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में अस्पताल को लेकर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य है कि यह चिकित्सा संस्थान एशिया का सबसे बड़ा और आधुनिक अस्पताल बने.

Asha Bhosale and Lata Mangeshkar(Photo credit -google)

हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया, “इस अस्पताल का सपना लगभग 25 साल पुराना है. उस समय परिवार और कुछ डॉक्टरों ने मिलकर गरीबों की सेवा के लिए यह पहल शुरू की थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वह पूरी नहीं हो सकी थी.”

उन्होंने आगे कहा, “दीदी लता मंगेशकर के निधन के बाद हम सबको लगा कि अब उनकी सोच और उनके सपने को पूरा करने का सही समय है.परिवार ने सर्वसम्मति से तय किया था कि अस्पताल का नाम लता दीदी के नाम पर रखा जाएगा. हम उसी योजना पर काम कर रहे थे और सभी तैयारियां चल रही थी.”

Asha Bhosale and Lata Mangeshkar(Photo credit -google)

हृदयनाथ ने उद्घाटन की तारीख का जिक्र करते हुए कहा, “हमने इसका मुहूर्त 16 अप्रैल को तय किया था.अस्पताल के निर्माण और नाम को लेकर सब कुछ फाइनल हो चुका था. हम दीदी के नाम पर इसे जनता को समर्पित करने वाले थे.”

लेकिन इसी बीच परिवार को एक और बड़ा सदमा लगा. हृदयनाथ मंगेशकर ने भावुक होकर बताया, “अचानक, इसी दौरान हमारी आशा दीदी भी हमें छोड़कर चली गई. दो बहनों को इतने कम समय में खो देना परिवार के लिए असहनीय था.”

Asha Bhosale and Lata Mangeshkar(Photo credit -google)

इस घटना के बाद परिवार ने अस्पताल के नाम को लेकर अपना फैसला बदला.हृदयनाथ ने कहा, “आशा दीदी के जाने के बाद हमने विचार किया और निर्णय लिया कि यह अस्पताल अब सिर्फ एक बहन को नहीं, बल्कि दोनों सुर साम्राज्ञियों को समर्पित होगा. इसलिए अब इसका नाम लता मंगेशकर और आशा मंगेशकर दोनों के नाम पर रखा जाएगा.”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह अस्पताल दोनों बहनों की संगीत विरासत जितना ही विशाल और सेवा भाव से भरा होगा. इसका मकसद आम लोगों, खासकर जरूरतमंदों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है.हृदयनाथ मंगेशकर के मुताबिक, यह अस्पताल मां और लता दीदी के उस सपने को पूरा करेगा जो उन्होंने गरीबों की सेवा के लिए देखा था. 16 अप्रैल का दिन अब मंगेशकर परिवार के लिए दोनों दीदियों को सच्ची श्रद्धांजलि देने का दिन बन गया है.

ये भी पढ़ें:तेजस्वी यादव का पीएम मोदी पर हमला, पीएम मोदी पर गंभीर आरोप

- Advertisement - spot_img

More articles

- Advertisement - spot_img

Latest article