Iran Isareal war:पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भीषण होता जा रहा है. अमेरिका और इस्राइल के हमलों के जवाब में ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है.मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है.
IRGC प्रवक्ता अली मोहम्मद का हुई मौत
ईरान-इजरायल संघर्ष का 21वां दिन है. इजरायल ने ईरानी सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाने के लिए रात को हवाई हमला किया, जिसमें एक ईरानी जनरल की मौत हो गई.इजरायल का दावा है कि उसने गुरुवार रात ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए है.

बता दें कि ईरान को एक और बड़ा झटका लगा है, जब इजरायली हवाई हमले में इस्लामिक रिव्यूलेशनरी गार्ड कॉर्म्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई. ईरान ने इसकी पुष्टि की है. नैनी IRGC के सेकेंड ब्रिगेडियर जनरल थे और उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में भी भाग लिया था.इस हमले से ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है, क्योंकि नैनी ईरान की सैन्य ताकत और रणनीति के बारे में जानकारी देने वाले प्रमुख व्यक्ति थे.ईरान ने इस हमले का जवाब देने का वादा किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है.

मोहम्मद नैनी कौन थे?
ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (IRGC) के एक वरिष्ठ अधिकारी थे. उन्होंने जुलाई 2024 में IRGC के प्रवक्ता और जनसंपर्क के उप-प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था.नैनी 1957 में जन्मे थे और उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में भाग लिया था, जिसमें वे जख्मी भी हुए थे.
नैनी के पास सेकेंड ब्रिगेडियर जनरल का पद था और वे अक्सर IRGC की ओर से बयान जारी करते थे. उनके बयानों में ईरान की सैन्य ताकत, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के बारे में जानकारी होती थी. नैनी की मौत से ईरान को एक अनुभवी और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी का नुकसान हुआ है.

मोहम्मद नैनी ईरान-इराक युद्ध (1980-88) के दौरान फ्रंटलाइन पर रहे और लगभग 8 साल तक अलग-अलग रोल में काम किया.उन्होंने क़द्र बटालियन के जनसंपर्क प्रमुख के रूप में सेवा की और सर्पोल-ए जहाब में अबूजर बैरक में जनसंपर्क और ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभाली. बाद में वे नजफ मुख्यालय में फ्रंटलाइन प्रचार के डिप्टी के रूप में काम कर रहे थे.
मोहम्मद नैनी ने किया था दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने मार्च 2026 के मध्य में दावा किया था कि ईरान कम से कम छह महीने तक चलने वाले हाई-इंटेंसिटी युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने कहा था कि ईरान ने कई नई पीढ़ी की मिसाइलों और ड्रोनों का विकास किया है, जिनका अभी तक उपयोग नहीं किया गया है.
नैनी ने आगे कहा था कि ईरान के दुश्मनों के लिए “सरप्राइज” तैयार हैं और युद्ध जितना आगे बढ़ेगा, उतना ही जटिल और अनएक्सपेक्टेड डेवलपमेंट्स होंगे.

इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरानी शासन से जुड़ी 130 से अधिक इंफ्रास्ट्रक्चर साइटों पर हमला किया है, जिनमें पश्चिमी और मध्य ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल साइटें, UAV और डिफेंस सिस्टम शामिल हैं.इजरायल ने कहा है कि वह पश्चिमी और मध्य ईरान में हमले जारी रखेगा, ताकि ईरान से इजरायल की ओर होने वाली गोलाबारी को कम किया जा सके और ईरान पर अपनी हवाई श्रेष्ठता का विस्तार किया जा सके.
17 मार्च को अली लारिजानी की हुई थी मौत
इजरायल ने कहा है कि वह पश्चिमी और मध्य ईरान में हमले जारी रखेगा, ताकि ईरान से इजरायल की ओर होने वाली गोलाबारी को कम किया जा सके और ईरान पर अपनी हवाई श्रेष्ठता का विस्तार किया जा सके.इससे पहले, 17 मार्च 2026 को इजरायल के हमले में ईरान के डी फैक्टो लीडर अली लारिजानी की मौत हो गई थी. यह हमला रात में हुआ था जब वे अपने घर पर थे। इस हमले में उनके बेटे, कुछ अंगरक्ष और अन्य साथी भी मारे गए थे.
ये भी पढ़ें:Kangana Ranaut ने Rahul Gandhi पर साधा निशाना! टपोरी कहते हुए बताया अनुशासनहीन

