Women Reservation: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर हुई बहस में कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी भाग लिया.इस दौरान उन्होंने कहा कि ये महिला आरक्षण बिल नहीं है और इसका महिला सशक्तिकरण से कोई वास्ता नहीं है. राहुल गांधी ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि पुराना बिल लेकर आइए, हम उसे पास करवाएंगे.
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल पर हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम सबने महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है.राहुल गांधी ने आगे कहा कि ये बिल 2023 में ही पास हो चुका है.पहली सच्चाई तो ये है कि ये महिला आरक्षण बिल नहीं है और इसका महिला सशक्तिकरण से कोई संबंध नहीं है.

BJP को अपनी ताकत घटने का डर सता रहा है
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि सरकार ये पक्का करने में लगी है कि अगले 15 साल तक जातिगत जनगणना का प्रतिनिधित्व से कोई वास्ता न रहे. विपक्ष के नेता ने आगे कहा कि बीजेपी को अपनी ताकत कम होने का डर सता रहा है, सरकार देश के राजनीतिक नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “कल मैंने अपनी बहन को कुछ ऐसा करते देखा जो उसने 5 मिनट में कर दिखाया, जिसे मैं शायद अपने 20 साल के राजनीतिक जीवन में भी नहीं कर पाया – अमित शाह के चेहरे पर मुस्कान लाना.”
दक्षिण के राज्यों को चिंता करने की जरूरत नहीं
राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि दक्षिण के राज्यों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, हम दक्षिण का प्रतिनिधित्व घटने नहीं देंगे.राहुल गांधी ने कहा- मैं दक्षिण, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम सरकार को भारत संघ में आपके प्रतिनिधित्व के साथ छेड़छाड़ नहीं करने देंगे.राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि सरकार जो कदम उठा रही है वो राष्ट्रविरोधी कृत्य से कम नहीं है.हम आपको ऐसा करने नहीं देंगे, पूरा विपक्ष इसे नाकाम कर देगा.

महिला आरक्षण बिल किया गया लागू
महिला आरक्षण बिल पर संसद में चर्चा जारी है. लोकसभा में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पर बहस चल रही है.इसी बीच सरकार ने इसको लेकर एक अहम फैसला लिया है. दरअसल, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने वाला महिला आरक्षण कानून 2023 गुरुवार, 16 अप्रैल से लागू कर दिया गया है. केंद्रीय कानून मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में यह जानकारी सामने आई है.
हालांकि, ये साफ नहीं हो पाया कि जब संसद में इसी महिला आरक्षण कानून में बदलाव करके इसे 2029 से लागू करने पर बहस चल रही है, तो 2023 के एक्ट को 16 अप्रैल से ही क्यों प्रभावी किया गया.सरकार ने गुरुवार से “नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम 2023” पूरे देश में लागू कर दिया है. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब संसद में इस मुद्दे पर बहस हो रही है. इस कानून में संशोधन के लिए गुरुवार को ही लोकसभा में बिल पेश किया गया और उस पर रात करीब 1:20 बजे तक चर्चा चली.आज भी पूरे दिन इस पर बहस होगी और शाम करीब 4 बजे वोटिंग कराई जाएगी.
लोकसभा में जिन तीन बिलों पर फिलहाल बहस चल रही है, सरकार उन्हें इसलिए लेकर आई है ताकि महिला आरक्षण 2029 से लागू किया जा सके.इस बीच अधिकारियों का कहना है कि कानून भले ही लागू हो चुका है, लेकिन मौजूदा सदन में आरक्षण लागू नहीं हो पाएगा. वजह ये है कि इसे अगली जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने पर ही लागू किया जा सकता है.
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