Pakistan:क्या सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की घबराहट अब सबके सामने आ गई है? आखिर पाकिस्तानी मंत्री भारत को खोखली धमकियां क्यों दे रहे हैं? दरअसल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था.इसके बाद से पाकिस्तान में पानी का संकट और बेचैनी दोनों बढ़ गए हैं.सिंध और बलूचिस्तान में पानी की भारी किल्लत के बीच पाकिस्तानी नेता बेतुके बयान देने लगे है.

सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले के बाद से पाकिस्तान की तिलमिलाहट लगातार दिख रही है.एक तरफ पाकिस्तान के कई हिस्से भीषण जल संकट से गुजर रहे हैं और किसानों को खेती के लिए पानी नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी तरफ वहां के मंत्री भारत को गीदड़भभकी देने में लगे है. पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसद्दिक मलिक ने बयान दिया कि हमारे पानी को हाथ लगाने की किसी की हिम्मत नहीं है.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री का बयान
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी भारत पर निशाना साधा.उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क के पीएम पाकिस्तान को पानी की एक बूंद तक न देने की बात कर रहे है. तरार ने ये भी कहा कि सिंधु जल संधि को कोई एक देश अकेले खत्म नहीं कर सकता.भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को सस्पेंड करने का फैसला लिया था और साफ कर दिया था कि आतंक और बातचीत साथ नहीं चल सकते.

भारत ने सिंधु जल संधि क्यों रोकी?
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए. इनमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल था.पीएम नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि आतंक और संवाद एक साथ नहीं हो सकते, खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी साफ किया कि भारत का पानी उन लोगों तक नहीं जाएगा जो आतंकवाद को पनाह देते है. भारत का स्टैंड है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर ठोस एक्शन नहीं लेता, रिश्ते सामान्य नहीं होंगे.
पाकिस्तान में पानी का संकट कितना गहरा?
पाकिस्तान इस वक्त भीषण जल संकट से गुजर रहा है. खासतौर पर सिंध और बलूचिस्तान के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत है. इन इलाकों की इकोनॉमी खेती पर टिकी है, लेकिन फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा. कई किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो फसलें बर्बाद हो जाएंगी. पानी की कमी का असर सिर्फ खेती पर नहीं, लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर भी पड़ रहा है.

सुक्कुर बैराज में पानी की कमी से क्यों बढ़ी टेंशन?
सिंधु नदी पर बना सुक्कुर बैराज पाकिस्तान की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में से एक है.ये सिंध और बलूचिस्तान के लाखों एकड़ खेतों को पानी देता है.ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नॉर्थ वेस्ट कैनाल में 64.1%, राइस कैनाल में 38% और दादू कैनाल में 82% तक पानी की कमी रिकॉर्ड की गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही हाल रहा तो पाकिस्तान के कृषि उत्पादन और फूड सिक्योरिटी पर बुरा असर पड़ेगा.
क्या पाकिस्तानी नेताओं की धमकियां उनकी घबराहट दिखा रही हैं?
माना जा रहा है कि पाक नेताओं के ताजा बयान देश के अंदर बढ़ते प्रेशर और संकट की तरफ इशारा करते है. एक तरफ पाकिस्तान आर्थिक तंगी, सियासी अस्थिरता और पानी की किल्लत से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत के कड़े रुख ने उसकी टेंशन और बढ़ा दी है. ऐसे में पाकिस्तानी नेताओं की तीखी बयानबाजी को घरेलू समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है.

