Mamata Banerjee:TMC नेता कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी के साथ हुई फोन कॉल का ऑडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है.इस ऑडियो में ममता बनर्जी आरोप लगा रही हैं कि काउंटिंग सेंटर में घुसकर गुंडों ने उनके साथ मारपीट की और वोटों की गिनती में भी गड़बड़ी की.

तृणमूल कांग्रेस सांसद और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी के साथ हुई एक फोन कॉल सोशल मीडिया पर शेयर की है.इस ऑडियो में पूर्व CM ममता बनर्जी ने भवानीपुर चुनाव नतीजों में गड़बड़ी का आरोप लगाया. उन्होंने ऑडियो में इसे “वोट चोरी का गंदा खेल” बताते हुए चुनाव आयोग को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया.
ममता बनर्जी के आरोप
इस बातचीत में ममता बनर्जी का दावा है कि BJP के शुभेंदु अधिकारी के मुकाबले वह काउंटिंग के 16वें राउंड तक आगे चल रही थीं, जबकि गिनती के कुछ ही राउंड बचे थे.फोन कॉल में वह आरोप लगाती सुनी जा सकती हैं कि चुनाव प्रक्रिया से समझौता हुआ है, क्योंकि मतगणना केंद्रों में कथित तौर पर “गुंडे” घुस गए थे.

इसके बाद मुकाबले में फिर ट्विस्ट आया और अगले राउंड में बनर्जी 898 वोटों की छोटी बढ़त के साथ आगे हो गई. फिर एक ऐसा दौर आया जब बनर्जी हावी रहीं.सातवें राउंड तक उनकी लीड 17,000 से ज्यादा पहुंच गई, जिसके बाद उनके घर के बाहर जश्न मनाया जाने लगा, हरा गुलाल उड़ाया गया और मिठाइयां बांटी गई.
दो घंटे बिजली गुल होने से पलटा गेम
पांच राउंड बाद उनकी बढ़त घटकर 7,184 रह गई, फिर भी मजबूत थी.14वें राउंड तक यह लीड सिर्फ 4,000 के करीब रह गई, जिससे मुकाबला बेहद कांटे का हो गया. इसके बाद गिनती रोक दी गई और एक TMC एजेंट को हटाने के आरोप लगे.यह ममता बनर्जी के लिए 2021 के नंदीग्राम चुनाव जैसा ही मौका था, जब वह शुभेंदु अधिकारी से आगे थीं, लेकिन दो घंटे की बिजली कटौती के बाद पूरा खेल पलट गया था.इस बार भी वह फौरन काउंटिंग सेंटर पहुंचीं, जहां शुभेंदु अधिकारी पहले से मौजूद थे.
दो घंटे बिजली गुल होने से बदला पूरा खेल
पांच राउंड के बाद उनकी लीड घटकर 7,184 रह गई, फिर भी स्थिति मजबूत थी.14वें राउंड तक आते-आते यह बढ़त सिमटकर सिर्फ 4,000 के करीब रह गई, जिससे मुकाबला बेहद टक्कर का हो गया. इसके बाद वोटों की गिनती रोक दी गई और आरोप लगे कि एक TMC एजेंट को बाहर कर दिया गया.ममता बनर्जी के लिए यह 2021 के नंदीग्राम चुनाव जैसा ही पल था, जब वह शुभेंदु अधिकारी से लीड कर रही थी, लेकिन दो घंटे तक बिजली कटने के बाद बाजी पलट गई थी. इस बार भी वह तुरंत काउंटिंग सेंटर पहुंचीं, जहां शुभेंदु अधिकारी पहले से मौजूद थे.

सबसे बड़ा उलटफेर आखिरी राउंड में हुआ.तीन राउंड बाकी रहते ममता बनर्जी 564 वोटों से पिछड़ गई और यह फासला लगातार बढ़ता चला गया, जिससे TMC को बड़ा झटका लगा.उनकी नाराजगी की एक बड़ी वजह यह भी थी कि कथित तौर पर TMC के काउंटिंग एजेंटों को हटाकर उनकी जगह विपक्षी दलों के एजेंटों को बैठा दिया गया.
जब वह शुभेंदु अधिकारी से बढ़त बनाए हुए थीं, लेकिन दो घंटे तक बिजली गुल रहने के बाद पूरा सीन बदल गया. इस बार भी वह फौरन काउंटिंग सेंटर पहुंचीं, जहां शुभेंदु अधिकारी पहले से मौजूद थे.
सबसे बड़ा उलटफेर आखिरी राउंड में देखने को मिला. तीन राउंड बचे रहते ममता बनर्जी 564 वोटों से पिछड़ गईं और यह फासला लगातार बढ़ता रहा, जिससे TMC को तगड़ा झटका लगा.उनकी नाराजगी की एक बड़ी वजह यह भी रही कि कथित तौर पर TMC के काउंटिंग एजेंटों को हटाकर उनकी जगह विपक्षी दलों के एजेंटों को बैठा दिया गया.

ममता बनर्जी का बयान
ममता बनर्जी ने कहा, “आखिरी राउंड भवानीपुर विधानसभा के थे, जो पूरी तरह हमारा गढ़ है. तभी कुछ असामाजिक तत्व काउंटिंग सेंटर में घुस आए. चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने मेरे साथ मारपीट की और CRPF की मदद से हमारे एजेंटों को बाहर कर दिया.”
ममता के तीन आरोप – पहले SIR, फिर पावर कट और फिर जबरन वोट चोरी
उन्होंने यह भी दावा किया कि फाइनल राउंड के दौरान उनकी पार्टी का कोई भी नुमाइंदा काउंटिंग हॉल में नहीं था और EVM को बिना ठीक से सील किए ही स्ट्रॉन्ग रूम ले जाया गया. उन्होंने कहा, “मैं हॉल के बाहर खड़ी हूं. मुझे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा.” उनका कहना था कि लगातार “प्रताड़ित” किया जा रहा है. पहले SIR के जरिए वोटरों के नाम हटाए गए और फिर बिजली कटौती व अफरा-तफरी के बीच उनके वोट “जबरन चुरा” लिए गए.
ये भी पढ़ें:Dhanush ने पोंगल पर नई फिल्म का किया अनाउंसमेंट! देखें फिल्म का फर्स्ट लुक

