Friday, April 10, 2026

High court: जस्टिस यशंवत वर्मा ने राष्ट्रपति को सौपा इस्तीफा, जानें क्या है पूरा मामला

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High court:जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद उनके खिलाफ चल रही महाभियोग की प्रक्रिया रुक गई है. उनके दिल्ली स्थित घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के बाद उनके खिलाफ जांच शुरू हुई थी.

High court(photo credit-google)

जस्टिस वर्मा को पद से हटाए जाने से बचने के लिए इस्तीफा देना ही एकमात्र विकल्प था, क्योंकि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी.अगर वे इस्तीफा नहीं देते, तो उन्हें महाभियोग का सामना करना पड़ता, जिससे उन्हें पेंशन और अन्य लाभ नहीं मिलते.जस्टिस वर्मा ने 5 अप्रैल को इलाहाबाद हाई कोर्ट में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी, लेकिन जांच चलने के चलते उन्हें न्यायिक कार्य से अलग रखा गया था.

क्या है पूरा मामला? (High Court)

जस्टिस यशवंत वर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके दिल्ली स्थित घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के बाद उनके खिलाफ आंतरिक जांच शुरू हुई थी.

जस्टिस वर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन उन्हें न्यायिक कार्य से अलग रखा गया था. उनके खिलाफ महाभियोग लाने के लिए कमेटी का गठन किया गया था और कई सांसदों ने संसद में उन्हें हटाने के लिए नोटिस दिया था.

High court(photo credit-google)

आंतरिक जांच कमेटी उनकी जांच कर रही थी, लेकिन उन्होंने इस्तीफा देकर इस प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है.जस्टिस वर्मा ने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाई कोर्ट में शपथ ग्रहण किया था.

राष्ट्रपति को सौपा इस्तीफा

जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू को अपने इस्तीफे का पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अत्यंत पीड़ा के साथ अपना इस्तीफा देने की बात कही है.उन्होंने लिखा है कि वे अपने पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर हैं, लेकिन यह उनके लिए सम्मान की बात रही है कि वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में सेवा कर सके.

High court(photo credit-google)

जस्टिस वर्मा ने अपने पत्र में लिखा है कि वे अपने आदरणीय कार्यालय को उन कारणों से विवश नहीं करना चाहते, जिनके कारण उन्हें यह पत्र प्रस्तुत करना पड़ रहा है. उन्होंने लिखा है कि वे अत्यंत पीड़ा के साथ अपना इस्तीफा दे रहे हैं और इस पद पर सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही है.

जस्टिस वर्मा के इस्तीफे के बाद, उनके खिलाफ चल रही जांच और महाभियोग की प्रक्रिया रुक गई है. उनके दिल्ली स्थित घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के बाद उनके खिलाफ आंतरिक जांच शुरू हुई थी.

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