Iran-Us ceasefire: बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि अगर उसने 7 अप्रैल, मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल, सुबह 5.30 बजे) तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों पर हमला करेगी.हालांकि, अमेरिकी नेताओं ने ट्रंप की इन धमकियों को नरसंहार से जुड़ी धमकियां बताया.आखिरकार, ट्रंप ने ईरान पर हमले की योजना को टाल दिया और दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति की बात कही.

ट्रंप ने दी थी धमकी
अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दो हफ्ते के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बन गई. यह समझौता ऐसे समय में हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को धमकी दे रहे थे. ट्रंप ने तीन दिन पहले कहा था कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला और अमेरिका के साथ डील नहीं की, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और पुलों पर हमला करेगा.उन्होंने 7 अप्रैल की रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल सुबह 5.30 बजे) तक का अल्टीमेटम दिया था.

लेकिन आखिरी समय में ट्रंप ने हमले की योजना टाल दी और दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति की बात कही.यह समझौता होने से पहले ट्रंप की धमकियों को अमेरिकी नेताओं ने नरसंहार से जुड़ी धमकियां बताया था.अब दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है.

ईरान और अमेरिका की बीच हुआ युद्धविराम (Iran-Us ceasefire)
ट्रंप की धमकी से पता चलता है कि अमेरिका 28 फरवरी से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए बड़े कदम उठाने की तैयारी में है.हालांकि, उनकी धमकियों में ईरान के नागरिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की बात कही गई है, जिससे दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है.ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा था कि ईरान की पूरी सभ्यता एक रात में नष्ट हो सकती है, जिसे लेकर उनकी आलोचना हो रही है.
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध में नागरिकों या उनके ठिकानों को निशाना बनाना युद्ध अपराध है, जिसके लिए सजा हो सकती है. अमेरिकी नेताओं ने भी ट्रंप की धमकियों को नरसंहार की धमकी बताया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी थी ये धमकियां
- नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी: ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के पुलों, बिजली संयंत्रों, तेल के कुओं और पानी साफ करने वाले संयंत्रों पर हमला करेगा.उन्होंने इसे “पावर प्लांट डे” और “ब्रिज डे” कहा था.
- पूरी सभ्यता को खत्म करने की चेतावनी: ट्रंप ने कहा था कि ईरान की पूरी सभ्यता एक रात में नष्ट हो सकती है. उन्होंने ईरान की सरकार को पाषाण युग में वापस भेजने की धमकी भी दी.
- सत्ता परिवर्तन की धमकी: ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कही है, लेकिन उनके बयान कई बार बदलते रहे है.
- तेल के कुओं पर कब्जे की मंशा: ट्रंप ने कहा है कि अगर उनके हाथ में होता, तो वह ईरान के तेल पर कब्जा कर लेते और उससे पैसा कमाते.
- आकरमक भाषा का इस्तेमाल: ट्रंप ने ईरानी नेताओं को जानवर कहा है और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है.
- अंतरराष्ट्रीय कानूनों का मजाक: विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की धमकियां अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत युद्ध अपराध हैं, लेकिन ट्रंप ने कहा है कि वह इसके लिए चिंतित नहीं हैं.
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