Rahul Gandhi:केरल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है.राहुल गांधी ने अलाप्पुझा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि LDF सरकार अब वामपंथी नहीं बल्कि “कॉर्पोरेट फंडेड” सरकार बन गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में है.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि LDF और BJP के बीच एक गुप्त समझौता है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस को केरल में सत्ता से दूर रखना है. उन्होंने कहा कि LDF सरकार ने युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है और राज्य की आर्थिक स्थिति खराब है.
दूसरी ओर, LDF ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि कांग्रेस के पास केरल में जीतने का कोई मुद्दा नहीं है. LDF ने दावा किया है कि वह तीसरी बार सत्ता में वापसी करेगी और 110 सीटें जीतेंगी.
Rahul Gandhi ने लगाएं आरोप
राहुल गांधी ने लेफ्ट फ्रंट पर हमला बोलते हुए कहा है कि उनके भीतर दो तरह के नेता हैं. एक तरफ, ऐसे नेता हैं जो किसी भी कीमत पर सत्ता में आना चाहते हैं और इसके लिए किसी से भी समझौता कर सकते है.दूसरी तरफ, ऐसे नेता हैं जो अपनी विचारधारा में विश्वास रखते हैं लेकिन खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे है.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि केरल में अब बीजेपी, आरएसएस और लेफ्ट फ्रंट के बीच संबंध बन चुके हैं.उन्होंने कहा कि यह संबंध इसलिए बने हैं क्योंकि लेफ्ट फ्रंट के कुछ नेता सत्ता में आने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.
राहुल गांधी ने कहा है कि लेफ्ट फ्रंट के कुछ नेता सत्ता के लिए अपनी विचारधारा से समझौता कर रहे है.
उन्होंने आरोप लगाया है कि ये नेता अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक पार्टी की विचारधारा के लिए काम किया है.
उन्होंने कहा, “कई कार्यकर्ता, जिन्होंने वर्षों तक विचारधारा के लिए काम किया, आज खुद को आहत और निराश महसूस कर रहे है.” उन्होंने आरोप लगाया कि केरल के मुख्यमंत्री के संबंध उन ताकतों से हैं, जो देश के अन्य हिस्सों में अल्पसंख्यकों पर हमले कर रही है.

राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार में अब लेफ्ट जैसी कोई बात नहीं बची है. उन्होंने कहा कि यह सरकार अब कॉर्पोरेट और आरएसएस के साथ मिलकर काम कर रही है.
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