Saturday, April 4, 2026

Raghav Chaddha ने राज्यसभा में ना बोलने पर दिया रिएक्शन, बोला -“मैं हारा नहीं हूं, खामोश करवाया गया हूं”

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Raghav Chaddha:आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया है और उनकी जगह अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर कहा है कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने का समय न दिया जाए.

Raghav Chaddha(photo credit -google)

इस फैसले के पीछे की वजहें क्या हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि राघव चड्ढा पार्टी की लाइन से अलग चल रहे थे और उनकी कार्यशैली से पार्टी नेतृत्व खुश नहीं था.

राघव चड्ढा ने दिया रिएक्शन

राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.उन्होंने कहा है कि उन्हें खामोश करवाया गया है, लेकिन वे हारे नहीं है.राघव चड्ढा ने सवाल उठाया है कि आखिर उनके बोलने से किसी को क्या दिक्कत है? उन्होंने कहा कि वे हमेशा आम आदमी से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं और इसमें गलत क्या है? राघव चड्ढा ने कहा कि वे आम आदमी के साथ हैं और उनके लिए है. उन्होंने एक कविता की पंक्ति का इस्तेमाल करते हुए कहा, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है.” राघव चड्ढा ने आम आदमी से समर्थन मांगा है और कहा है कि वे उनके साथ खड़े हैं.

Raghav Chaddha(photo credit -google)

आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया है और उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त किया है.पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि चड्ढा को संसद में बोलने का समय न दिया जाए.इसके जवाब में राघव चड्ढा ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उनके उच्च सदन में हस्तक्षेप हैं और इसे “बुरी नजर” कैप्शन दिया गया है.इससे पहले, चड्ढा ने एक अन्य पोस्ट में कहा था, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं.”

Raghav Chaddha(photo credit -google)

मुद्दे पर राजनिति गरमाई

दिल्ली भाजपा ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह फैसला पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत है. सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है.

Raghav Chaddha(photo credit -google)

सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन राघव चड्ढा को हटाने का तरीका असामान्य और चिंताजनक है.उन्होंने कहा कि यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है. सचदेवा ने कहा कि पहले स्वाति मालीवाल और अब राघव चड्ढा जैसे प्रमुख नेता केजरीवाल से दूरी बना चुके हैं, जो पार्टी के लिए गंभीर संकेत है.

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