Nitish Kumar:बिहार में सियासी तूफान आया है.नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी अपना इस्तीफा भेज दिया है. दोनों का इस्तीफा स्वीकार हो गया है.
बिहार के राजनीति में हलचल
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के बाद सोमवार को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.जदयू के नेता और बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नीतीश कुमार का यह कदम संवैधानिक रूप से अनिवार्य था, क्योंकि वह पहले ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं.

नीतीश कुमार 2006 से लगातार विधान परिषद के सदस्य थे, और उन्होंने 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुनाव जीता था.उनके इस्तीफे के साथ ही बिहार में नेतृत्व परिवर्तन होने की संभावना है, हालांकि उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं है.
नीतीश कुमार एक अनुभवी नेता हैं, जो चारों सदनों के सदस्य बने है.उन्होंने राज्यसभा चुनाव लड़ने के दौरान कहा था कि उनकी इच्छा राज्यसभा की सदस्यता के रूप में निर्वाचित होने की थी, इस कारण उन्होंने यह निर्णय लिया.
नीतीश कुमार ने केंद्र में रेल मंत्री, कृषि मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे, जहां उन्होंने रेलवे में व्यापक सुधार किए.साल 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभाल रहे हैं, और उन्होंने “सुशासन बाबू” के रूप में अपनी पहचान बनाई है.

नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उनका इस्तीफा मंत्री विजय चौधरी और एमएलसी संजय गांधी ने सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंप दिया. नीतीश कुमार का त्यागपत्र सिर्फ 29 शब्दों में लिखा था.सभापति ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. संवैधानिक नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति 14 दिन तक ही दो सदनों का सदस्य रह सकता है, इसलिए नीतीश कुमार को 30 मार्च को एक सदन से इस्तीफा देना पड़ा. वह 16 मार्च को राज्यसभा सदस्य चुने गए थे.फिलहाल, नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे, लेकिन यह पद वह कब छोड़ेंगे, इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है. नीतीश कुमार के साथ जदयू के कई वरिष्ठ नेता भी थे। सभापति ने कहा कि नीतीश कुमार ने उनसे पहले मिलने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने इस्तीफा भेज दिया.

नितिन नवीन ने भी दिया इस्तीफा
बिहार की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव आया है.भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बांकीपुर विधानसभा से विधायक नितिन नवीन ने भी अपना इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को अपना इस्तीफा रविवार सुबह ही सौंप दिया था, जिसे आज विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने स्वीकार कर लिया है. नितिन नवीन के इस्तीफे के साथ ही बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है.
नितिन नवीन और नीतीश कुमार दोनों नेताओं का बिहार की राजनीति में काफी योगदान रहा है. दोनों नेताओं ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपना इस्तीफा दे दिया है.विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि नितिन नवीन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है.
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