Don 3 Controversy:फिल्म “डॉन 3” को लेकर बीते कुछ समय से जारी बहस पर अब इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन यानी IFTDA के अध्यक्ष अशोक पंडित ने अपनी बात रखी है. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज यानी FWICE के मुख्य सलाहकार की भूमिका भी निभा रहे अशोक पंडित ने सिर्फ “डॉन 3” विवाद तक ही बात सीमित नहीं रखी.
उन्होंने इंडस्ट्री में लॉयल्टी और स्टारडम के मायने बदलने पर चर्चा की और साथ ही यह भी बताया कि आदित्य धर की हालिया फिल्म “धुरंधर” का हिंदी सिनेमा पर क्या असर पड़ सकता है.
“एक्सेल ने रणवीर को स्टारडम लौटने से पहले ही साइन कर लिया था”– अशोक पंडित
अशोक पंडित का मानना है कि अगर किसी प्रोजेक्ट को लेकर कॉन्ट्रैक्ट या किसी तरह का विवाद खड़ा होता है, तो उसे पेशेवराना अंदाज में ही निपटाया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आदित्य धर की फिल्म “धुरंधर” को मिली कामयाबी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और उसे उचित तारीफ मिलनी चाहिए.
हाल ही में FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन का निर्देश जारी किया था, जिसे कुछ समय बाद वापस ले लिया गया. इसी मुद्दे पर बात करते हुए अशोक पंडित ने स्पष्ट किया कि एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह को उस समय साइन किया था जब उनका करियर फिर से रफ्तार पकड़ने से पहले का दौर था.

” इंडस्ट्री में पुराने रिश्तों की अहमियत नहीं भूलनी चाहिए” – अशोक पंडित
“हिंदी रश” से बातचीत में अशोक पंडित ने कहा कि एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह को उस वक्त साइन किया था जब उनकी लगातार चार फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल पाई. उन्होंने “धुरंधर” की सफलता से काफी पहले ही रणवीर पर भरोसा जताया था.
अशोक पंडित के मुताबिक, जब किसी कलाकार का करियर ऊपर उठने लगे तो उसे उन लोगों को नहीं भूलना चाहिए जिन्होंने बुरे वक्त में साथ दिया था. यह अच्छी बात है कि फिल्म हिट हुई और अब रणवीर करियर के एक नए पड़ाव पर हैं, लेकिन उन लोगों की भूमिका भी याद रखनी चाहिए जो मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहे.
“हमने इससे भी बड़ी स्टार पावर देखी है”
बॉलीवुड में स्टारडम के बदलते मायनों पर बात करते हुए अशोक पंडित ने कहा कि इंडस्ट्री ने इससे कहीं बड़ी स्टार पावर देखी है. राजेश खन्ना का दौर, शाहरुख खान का क्रेज और सलमान खान की फैन फॉलोइंग—ये सब इस बात के उदाहरण हैं.
उनका कहना है कि स्टारडम एक रिलेटिव चीज है. दर्शकों का प्यार और समर्थन बेशकीमती है, लेकिन इंडस्ट्री की असली बुनियाद प्रोफेशनलिज्म पर टिकी होती है.लोग आपको पसंद करते हैं, आपकी फिल्मों को सराहते हैं, यह सब जरूरी है.मगर साथ ही कमिटमेंट और भरोसे को बनाए रखना भी उतना ही अहम है.
“धुरंधर” की कामयाबी और “डॉन 3” विवाद को एक साथ न देखें’ – अशोक पंडित
अशोक पंडित ने आदित्य धर और उनकी फिल्म “धुरंधर” की खुलकर सराहना की.उनके अनुसार, इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा को उस समय जरूरी संजीवनी दी है जब इंडस्ट्री को एक बड़े हिट की तलाश थी.
अशोक पंडित ने कहा कि आदित्य धर ने बॉलीवुड में नई ऊर्जा भर दी है. “धुरंधर” ने इंडस्ट्री में ऑक्सीजन का काम किया है. यह वह फिल्म है जो दर्शकों को दोबारा सिनेमाघरों तक खींचकर ला सकती है. पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने इसकी सफलता का जश्न मनाया है.
लेकिन साथ ही उन्होंने साफ किया कि “धुरंधर” की कामयाबी और “डॉन 3” को लेकर चल रहे विवाद को एक साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.दोनों मामले पूरी तरह अलग हैं और इन्हें अलग-अलग नजरिए से देखना जरूरी है.
“हमारा किसी से व्यक्तिगत मतभेद नहीं है”
अशोक पंडित ने कहा कि “धुरंधर” की जीत का जश्न हम मना रहे हैं और आगे भी मनाते रहेंगे, लेकिन इसे कॉन्ट्रैक्ट या किसी अन्य विवाद से जोड़ना गलत है. जब किसी फिल्म की सफलता को किसी कानूनी या प्रोफेशनल विवाद के साथ मिला दिया जाता है तो इससे सिर्फ भ्रम की स्थिति बनती है.
इंडस्ट्री का आधार भरोसे और प्रोफेशनल रवैये पर टिका है. उन्होंने बात खत्म करते हुए कहा कि FWICE का मकसद हमेशा से इंडस्ट्री के सिस्टम और माहौल को बचाना रहा है. हमारा किसी भी कलाकार या मेकर से निजी तौर पर कोई झगड़ा नहीं है. हमारी एकमात्र कोशिश यह सुनिश्चित करना है कि इंडस्ट्री में पारदर्शिता, भरोसा और पेशेवर रवैया बना रहे.
ये भी पढ़ें:Health Tips: सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है कच्ची हल्दी! जानें कैसे करे सेवन

