Up:यूपी में भीषण गर्मी और बिजली सप्लाई में आ रही दिक्कतों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सरकार ने पूरे प्रशासनिक अमले को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है, वहीं लगातार हो रही बिजली कटौती से जनता और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है.विपक्ष भी इन हालातों पर सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहा है और तीखे सवाल पूछ रहा है.

अखिलेश और मायावती ने साधा निशाना
बिजली संकट को लेकर विपक्ष ने सरकार पर जमकर हमला बोला है. बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘उत्तर प्रदेश जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में प्रचंड गर्मी के बीच बिजली की कम सप्लाई और कटौती ने गरीबों, मध्यम वर्ग, किसानों और छोटे कारोबारियों का जीवन बेहद मुश्किल कर दिया है.सरकार से अनुरोध है कि वह तुरंत ठोस कदम उठाए और नए बिजली संयंत्र स्थापित करे.

उधर, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “नए बिजली प्लांट लगाना तो आपके वश में था नहीं, और न ही आपकी छोटी सोच से ये निकल पाया कि कम से कम ‘3×660 SUPERCRITICAL THERMAL POWER PLANT’ बोल देते, तो तपती गर्मी से परेशान प्रदेश के लोगों को सुनकर ही कुछ सुकून मिल जाता.भाजपा के राज में यूपी में बिजली की सिर्फ ‘मांग’ या ‘कीमत’ बढ़ रही है, आपूर्ति नहीं. भाजपा सरकार, यूपी बेहाल! “
भाजपा विधायकों ने ही सरकार से पूछे सवाल
बिजली संकट पर भाजपा के अपने विधायकों ने भी नाराजगी जताई है. लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा को एक सख्त पत्र लिखा है. उन्होंने बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए यूपी के पुराने तरीके को छोड़कर सिंगापुर और अमेरिका जैसे इंटरनेशनल ग्रिड मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया है.
डॉ. राजेश्वर सिंह से पहले लखनऊ के ही एक और भाजपा विधायक नीरज बोरा भी खराब बिजली सप्लाई और बिना बताए होने वाली कटौती पर सरकार को चिट्ठी लिखकर अपना विरोध जता चुके हैं. सीएम योगी ने प्रदेश के सभी डीएम, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग और राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए है.

सीएम योगी हुए एक्टिव
बिजली संकट के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभाल लिया है.सीएम योगी ने राज्य के सभी डीएम, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग और आपदा राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के आदेश दिए हैं.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रचंड गर्मी और लू से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए सभी विभाग आपस में तालमेल बिठाकर काम करें.उन्होंने अफसरों से साफ कहा कि अस्पतालों, पीने के पानी की सप्लाई और बिजली व्यवस्था पर खास निगरानी रखी जाए, जिससे आम लोगों को किसी भी तरह की दिक्कत न झेलनी पड़े.

सीएम योगी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए पूरी तैयारी रखी जाए.इसके साथ ही जनता से भी अपील की गई है कि वे लू से बचाव के सभी उपाय करें और ऐसी कोई गलती न करें जिससे आगजनी की घटनाएं बढ़ें. मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को भी कहा गया है.
इसके फौरन बाद, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक (MD) ने एक सख्त आदेश जारी कर विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां 31 जुलाई 2026 तक तत्काल प्रभाव से कैंसिल कर दी हैं. अब सिर्फ बेहद जरूरी और विशेष परिस्थितियों में ही छुट्टी मिलेगी, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा दी जा सके और राजस्व वसूली को बढ़ाया जा सके.
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