Rahul Gandhi:लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से एक अहम कानूनी केस में बड़ी राहत मिली है. जस्टिस विक्रम डी चौहान की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को राहुल गांधी के “इंडियन स्टेट” से लड़ाई वाले विवादित बयान पर दायर याचिका खारिज कर दी. इस फैसले के बाद अब इस मामले में न FIR होगी और न ही कोई कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी.

संभल कोर्ट के आदेश के खिलाफ थी अपील
यह पूरा मामला पिछले साल कांग्रेस हेडक्वार्टर “इंदिरा भवन” के उद्घाटन के समय दिए गए बयान से जुड़ा है.याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी के उस बयान को राजद्रोह बताते हुए FIR की मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा था, “हमारी लड़ाई अब BJP, RSS और खुद ‘इंडियन स्टेट’ से है.”इसके पहले 7 नवंबर 2025 को संभल की चंदौसी कोर्ट ने याचिका को निराधार बताकर खारिज कर दिया था. याचिकाकर्ता ने निचली अदालत के इसी आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने भी सही ठहराया है.

क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी के खिलाफ दायर निगरानी याचिका को संभल की चंदौसी कोर्ट ने कमजोर आधार बताकर खारिज कर दिया था. इसके बाद याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने चंदौसी के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

15 जनवरी 2025 को कांग्रेस के नए हेडक्वार्टर “इंदिरा भवन” के उद्घाटन पर राहुल गांधी ने कहा था, “हमारी जंग RSS, BJP और खुद इंडियन स्टेट के खिलाफ है.” उन्होंने आगे कहा था, “हमारी सोच RSS की सोच की तरह हजारों साल पुरानी है और हम सदियों से उनकी विचारधारा से टकरा रहे हैं. ये निष्पक्ष लड़ाई है, ऐसा मत सोचिए. इसमें कोई निष्पक्षता नहीं है. अगर आप मानते हैं कि हम सिर्फ BJP या RSS नाम के किसी राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं तो आप हालात को समझ नहीं रहे.BJP और RSS ने देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है. अब हम BJP, RSS और खुद इंडियन स्टेट से मुकाबला कर रहे है.”
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