Twisha Sharma:समर्थ सिंह पिछले करीब 10 दिनों से फरार था. पुलिस ने उसे पकड़वाने के लिए 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था. शुक्रवार को समर्थ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पेश होकर तुरंत सरेंडर करने की इच्छा जताई और साथ ही अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस लेने का आवेदन दिया। इस पर हाईकोर्ट ने उसे कोर्ट में सरेंडर करने की मंजूरी दे दी.
Twisha Sharma के पति ने किया सरेंडर
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में शुक्रवार को जबलपुर जिला अदालत परिसर को छावनी में बदलना पड़ा. 10 दिन से लापता चल रहा ट्विशा का पति और इस केस का मुख्य आरोपी समर्थ सिंह, भारी हंगामे के बीच आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया. इस दौरान कोर्ट परिसर में वकीलों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई और मीडियाकर्मियों के तीखे सवालों के बीच पुलिस आरोपी को अपनी हिरासत में ले गई.

दरअसल, समर्थ सिंह लगभग 10 दिन से पुलिस की पकड़ से बाहर था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था.शुक्रवार को ही समर्थ ने एमपी हाईकोर्ट में तुरंत आत्मसमर्पण करने की बात कहते हुए अपनी अग्रिम जमानत की अर्जी भी वापस ले ली.
इसके बाद हाईकोर्ट ने समर्थ को ट्रायल कोर्ट या फिर कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन में जांच अधिकारी (IO) के सामने सरेंडर करने की इजाजत दे दी.लेकिन कानूनी दांवपेच का फायदा उठाते हुए समर्थ सीधा जबलपुर जिला अदालत पहुंच गया.
हालांकि जिला कोर्ट परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब ट्विशा के परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने समर्थ सिंह को एक कोर्ट रूम के अंदर संदिग्ध हालत में देख लिया. एडवोकेट श्रीवास्तव ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया, “मैं किसी दूसरे केस के सिलसिले में वहां से गुजर रहा था, तभी मैंने एक कोर्ट रूम का दरवाजा खोला. अंदर पूरी तरह अंधेरा था, सारी बत्तियां बंद थीं और समर्थ सिंह मुंह पर मास्क लगाकर चुपचाप बैठा हुआ था.”

उन्होंने आगे बताया कि उस वक्त वहां जज मौजूद नहीं थे, सिर्फ तीन क्लर्क बैठे थे.जब मैंने उनसे पूछा कि समर्थ को यहां किस हैसियत से बैठाया गया है, तो किसी के पास कोई जवाब नहीं था. मुझे देखते ही समर्थ वहां से भागने की कोशिश करने लगा और उसके वकीलों ने मेरे साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी. इस पूरी घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि पूर्व जज के बेटे होने की वजह से समर्थ को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और उसे बचाने की कोशिश हो रही है.
वहीं दूसरी तरफ, समर्थ जबलपुर कोर्ट में पुलिस को चकमा देने के लिए एक कोर्ट रूम से दूसरे कोर्ट रूम में भागता फिर रहा था. जब पुलिस उसे हिरासत में लेकर बाहर ला रही थी, तो मीडियाकर्मियों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. पत्रकारों ने उससे कई सवाल किए, लेकिन समर्थ ने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया.जबलपुर पुलिस ने कोर्ट से उसे अपनी कस्टडी में लिया और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे भोपाल पुलिस को सौंपने के लिए भोपाल रवाना कर दिया गया.

दोबारा पोस्टमॉर्टम को भी मिली हरी झंडी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा के पिता की अर्जी को मंजूर करते हुए मृतका का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति दे दी है.हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम को इसके लिए भोपाल एयरलिफ्ट किया जाए. गौरतलब है कि इससे पहले भोपाल की एक निचली अदालत ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग को ठुकरा दिया था.
इस दौरान हाईकोर्ट में दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग पर जमकर बहस हुई.याचिकाकर्ता पक्ष ने जहां दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की जरूरत पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर विरोधी पक्ष के वकील ने इसका सख्त विरोध किया.

ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की ओर से पेश हुए वकील ने दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग का विरोध करते हुए तर्क दिया कि AIIMS के डॉक्टरों की टीम पहले ही पोस्टमॉर्टम कर चुकी है, तो फिर एक और जांच की क्या आवश्यकता है? उन्होंने कहा कि दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग करना मेडिकल बिरादरी की गरिमा को ठेस पहुंचाना है.यह मांग जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने और डॉक्टरों की काबिलियत पर संदेह जताने के बराबर है.
अब CBI करेगी केस की जांच
इस बीच, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की आधिकारिक अनुशंसा कर दी है. गृह विभाग की सचिव कृष्णवेणी देशवातु की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, अब इस केस से जुड़े मूल अपराध, साजिश और उकसावे के हर पहलू की तफ्तीश CBI करेगी.

बता दें कि 33 वर्षीय मॉडल ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने आवास पर मृत मिली थीं.मृतका के परिवार का आरोप है कि दहेज के लिए प्रताड़ित कर उसकी हत्या की गई है, वहीं ससुराल पक्ष इसे नशे की लत की वजह से की गई आत्महत्या बता रहा है. अब CBI जांच शुरू होने और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस रहस्यमयी मौत से पर्दा उठने की उम्मीद जताई जा रही है.
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