Thursday, May 14, 2026

Kerala New CM: जानें कौन हैं केरल के नए सीएम? 100 सीट से कम पर राजनीति छोड़ने की खाई थी कसम

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Kerala New CM:केरल में नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा आखिरकार कर दी गई है.गुरुवार को कांग्रेस हाईकमान ने साफ किया कि वीडी सतीशन को विधायक दल का नेता चुना गया है.केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 10 दिन बाद उनके नाम पर अंतिम फैसला लिया गया.

दरअसल, पिछले कई दिनों से राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान चल रही थी. CM की रेस में वीडी सतीशन के अलावा वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्नीथाला भी शामिल थे.तीनों दिग्गजों के बीच कड़ा मुकाबला था. लेकिन जमीनी पकड़ रखने वाले और संगठन में मजबूत माने जाने वाले वीडी सतीशन ने अंत में बाजी मार ली और सभी को पीछे छोड़ दिया.

Kerala New CM(Photo credit -google)

वीडी सतीशन की फैमिली और एजुकेशनल बैकग्राउंड क्या है?

वीडी सतीशन, जिनका पूरा नाम वदस्सेरी दामोदरन सतीशन है, का जन्म 31 मई 1964 को केरल के कोच्चि के नेट्टूर में एक नायर परिवार में हुआ था. उनके पिता के. दामोदरा मेनन और माता वी. विलासिनी अम्मा हैं. दिल्ली की सियासी गलियारों के बजाय उनकी राजनीति की नींव शुरू से ही जमीनी स्तर पर रही है.

सतीशन का शैक्षणिक रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है.उन्होंने शुरुआती पढ़ाई पनांगड हाईस्कूल से की, जो इलाके का मशहूर स्कूल है. इसके बाद थेवारा के सैक्रेड हार्ट कॉलेज से ग्रेजुएशन किया.सतीशन ने कोच्चि के राजगिरी कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज से मास्टर ऑफ सोशल वर्क की डिग्री ली है.

राजनीति में एंट्री की कहानी क्या है?

वीडी सतीशन का सियासी सफर पढ़ाई के दौरान ही शुरू हो गया था. उन्होंने जमीनी राजनीति में कदम to केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) से रखा. कॉलेज के दिनों में ही वे एक मुखर छात्र नेता बन गए और 1986-1987 में महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी यूनियन के प्रेसिडेंट चुने गए.साथ ही उन्होंने कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के नेशनल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी भी संभाली.

Kerala New CM(Photo credit -google)

हालांकि राजनीति में जल्दी उतरने के बावजूद उन्होंने लंबे वक्त तक वकालत को अपना प्रोफेशन बनाए रखा. वे एक ट्रेंड लॉयर और सोशल एक्टिविस्ट के तौर पर काम करते रहे.उन्होंने करीब 10 साल से ज्यादा समय तक केरल हाईकोर्ट में वकालत की.इस दौरान वे यूथ कांग्रेस में भी एक्टिव रहे और धीरे-धीरे एक दमदार वक्ता और आक्रामक पॉलिटिकल ऑर्गेनाइजर के रूप में अपनी पहचान बना ली.

इलेक्शन पॉलिटिक्स में उनका पहला कदम 1996 में पड़ा, जब उन्होंने परावूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा.तब यह इलाका लेफ्ट का गढ़ माना जाता था और वे CPI के कैंडिडेट पी. राजू से हार गए.

इस हार के बाद भी सतीशन ने हिम्मत नहीं हारी और इलाके में काम करते रहे. साल 2001 में उन्हें पहली बड़ी सियासी कामयाबी मिली, जब वे परवूर सीट से पहली बार केरल विधानसभा के लिए MLA चुने गए.खास बात ये है कि 2001 में जब वे पहली बार विधायक बने, उस वक्त भी वे केरल हाईकोर्ट में वकालत कर रहे थे.

Kerala New CM(Photo credit -google)

पहली बार विधायक बनने के बाद वीडी सतीशन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. अपनी साफ-सुथरी छवि, मजबूत जमीनी पकड़ और आक्रामक राजनीति के दम पर उन्होंने खुद को केरल कांग्रेस के टॉप लीडरशिप तक पहुंचा दिया.

2021 में आया सियासी करियर का सबसे बड़ा मोड़

उनके राजनीतिक जीवन में सबसे बड़ा बदलाव 2021 में देखने को मिला. दरअसल, केरल की सियासत में हर पांच साल में सरकार बदलने का ट्रेंड रहा है. लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव में लेफ्ट फ्रंट ने लगातार दूसरी बार UDF को शिकस्त दे दी. इस हार के बाद कांग्रेस हाईकमान ने सीनियर लीडर रमेश चेन्निथला को हटाकर सतीशन को 15वीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी.

चूंकि सतीशन के पास पहले कभी मंत्री पद संभालने का अनुभव नहीं था, इसलिए कई लोगों को यह फैसला रिस्की लगा. मगर अगले पांच साल में उन्होंने खुद को विजयन सरकार के सबसे बड़े विकल्प और सबसे मुखर आलोचक के तौर पर स्थापित कर लिया.

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