Mamta Banerjee:पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं.उनका कहना है कि आयोग अपने 20 वर्षों के वैधानिक सुधारों की अनदेखी कर रहा है, जिससे मतदाताओं को अपनी पहचान दोबारा स्थापित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. ममता बनर्जी ने यह आरोप मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में लगाया है.

ममता बनर्जी ने कहा है कि चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया मतदाता सूची में सुधार करने के बजाय मतदाताओं के नाम हटाने की कवायद बन गई है.उन्होंने आरोप लगाया है कि आयोग राजनीतिक पक्षपात और मनमानी कर रहा है, जिससे मतदाताओं को परेशानी हो रही है.ममता बनर्जी ने इससे पहले भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कई गंभीर मुद्दे उठाए थे.उन्होंने आरोप लगाया था कि आयोग एक अलग पोर्टल का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे अधिकारियों में भ्रम पैदा हो रहा है.
चुनाव आयुक्त को लिखा पांचवा पत्र
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक और पत्र लिखा है, जो उनका पांचवां पत्र है.इस पत्र में, उन्होंने वोटर लिस्ट के “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” (एसआईआर) प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों पर चिंता जताई है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार करना नहीं है, बल्कि मतदाताओं के नाम हटाना है.
उन्होंने कहा है कि इस प्रक्रिया में विवेक, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का अभाव है.ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ ऑब्जर्वर आम लोगों को देशद्रोही कहकर बुला रहे हैं और उन्हें गाली दे रहे हैं. उन्होंने मांग की है कि चुनाव आयोग इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करें.
क्या बोली सीएम ममता बनर्जी?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि 2002 की वोटर लिस्ट को डिजिटल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया, जिससे गंभीर गलतियां हुई है. उनका कहना है कि इन तकनीकी खामियों की वजह से असली वोटरों को गलत तरीके से “विसंगति” वाली श्रेणी में डाल दिया गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है.
ममता बनर्जी ने कहा है कि वोटर लिस्ट में सुधार करने के बजाय, एआई का इस्तेमाल मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है.उन्होंने आरोप लगाया है कि यह प्रक्रिया विवेकहीन और असंवेदनशील है, जिससे मतदाताओं को अपनी पहचान दोबारा स्थापित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
चुनाव आयोग पर लगाएं आरोप
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए है. उनका कहना है कि आयोग अपनी ही पुरानी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर रहा है और पिछले दो दशकों में हुए सुधारों को दरकिनार कर रहा है.इससे वोटरों को फिर से अपनी पहचान साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो मनमाना और संविधान की भावना के खिलाफ है.
ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया की सुनवाई पर भी सवाल उठाए हैं.उनका कहना है कि जमा किए गए दस्तावेजों की कोई रसीद नहीं दी जा रही है, जिससे मतदाताओं को परेशानी हो रही है. उन्होंने इस प्रक्रिया को पूरी तरह मशीनी और संवेदनहीन बताया, जो मानवीय संवेदनाओं से खाली है और लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर रही है.
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