UGC:देशभर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को लेकर देशभर में विरोध शुरू हो गया है.बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में छात्र और सामाजिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. यूजीसी के साल 2026 के गाइडलाइन में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं और इससे झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में इसके चलते छात्रों और सामाजिक संगठनों में रोष देखने को मिल रहा है.
यूजीसी के “Equity Rules” पर मचा बवाल
UGC-2026 के नए नियमों के मुताबिक, 12वीं के बाद ग्रेजुएशन में एडमिशन लेने वाले छात्रों को सख्त नियमों का सामना करना पड़ सकता है. खास बात यह है कि अब OBC वर्ग को भी इन नियमों के दायरे में लाया गया है, जो पहले SC/ST वर्ग के लिए ही लागू थे.जनरल कैटेगरी के छात्रों का आरोप है कि इन नियमों में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है.उनका कहना है कि सिर्फ जनरल कैटेगरी से होने के कारण उन्हें दोषी माना जा रहा है, और सख्त कानूनी प्रावधानों के चलते वे झूठे मामलों में भी फंस सकते हैं.

मारवाड़ी राजपूत महासभा ने किया विरोध
शिक्षाविद प्रो. डॉ. क्षितिज महर्षि के मुताबिक, UGC-2026 को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. उनका कहना है कि यह गाइडलाइन पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के अध्ययन के बाद लाई गई है, और भविष्य में जरूरत पड़ी तो इसमें बदलाव किया जा सकता है.दूसरी ओर, मारवाड़ राजपूत महासभा के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा ने UGC-2026 का विरोध करते हुए कहा कि इसमें स्वर्ण समाज को दबाया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द बदलाव नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे.उनका कहना है कि जनरल होना कोई अपराध नहीं है, लेकिन यह कानून उन्हें झूठे मामलों में फंसा सकता है.

करणी सेना ने भी चेतावनी
करणी सेना के जोधपुर अध्यक्ष मानसिंह मेड़तिया ने UGC-2026 का विरोध करते हुए कहा कि यह कानून सवर्ण समाज को दबाने के लिए लाया गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे और जल्द रणनीति बनाकर प्रदर्शन करेंगे.सामाजिक संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि अगर इन नियमों में बदलाव नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे. उनका कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे और किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेंगे.

NSUI ने किया समर्थन
NSUI के जिला अध्यक्ष डॉ. बबलू सोलंकी ने UGC-2026 का समर्थन करते हुए कहा कि यह एक्ट 15 जनवरी से लागू हुआ है और विश्वविद्यालयों में बढ़ रही हिंसा के आंकड़ों के आधार पर ही इसे लाया गया है. उनका कहना है कि जो गलत करेगा उसे सजा मिलेगी, और झूठे मामलों की आशंका को लेकर एक समिति बनाई जाएगी जो निष्पक्ष निर्णय लेगी.दूसरी ओर, भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि UGC-2026 को लेकर जो विरोध हो रहा है, वह भ्रम की स्थिति है.उनका कहना है कि यह भ्रम जल्द ही दूर हो जाएगा और लोगों को सही जानकारी मिलने के बाद विरोध अपने आप शांत हो जाएगा.
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