Saturday, February 14, 2026

Seva Teerth पर बोले Pm Modi! बोले -” सेवा तीर्थ सिर्फ नहीं है , बल्कि सेवा और जिम्मेदारी का प्रतीक है..”

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Seva Teerth:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सेवा तीर्थ परिसर में कर्तव्य भवन 1 और 2 का उद्घाटन किया, साथ ही सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया. इससे पहले, उन्होंने सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया था, जो अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय का केंद्र बन गया है. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन किया जाएगा.

Seva Teerth pm Modi (photo credit -google)

PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम एक नए इतिहास के साक्षी बन रहे हैं. 13 फरवरी का यह दिन भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है. शास्त्रों में विजया एकादशी का विशेष महत्व है, और इस दिन लिया गया संकल्प निश्चित रूप से सफल होता है. आज हम विकसित भारत के संकल्प के साथ सेवा तीर्थ में कर्तव्य भवन में प्रवेश कर रहे हैं, और हमें अपने लक्ष्य में विजय का दैवीय आशीर्वाद प्राप्त है.

पीएम मोदी ने संबोधन में कही ये बात

PM मोदी ने कहा कि आजादी के बाद साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक में कई महत्वपूर्ण निर्णय हुए, लेकिन ये इमारतें ब्रिटिश शासन के प्रतीक के रूप में बनाई गई थी. उनका उद्देश्य भारत को गुलामी में रखना था.उन्होंने बताया कि 1905 के बंगाल विभाजन के बाद कोलकाता ब्रिटिश विरोधी आंदोलन का केंद्र बन गया था, इसलिए 1911 में राजधानी दिल्ली शिफ्ट की गई.अंग्रेजों ने अपनी जरूरतों और सोच के अनुसार नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक जैसी इमारतें बनाई.रायसीना हिल्स को इसलिए चुना गया ताकि ये इमारतें अन्य इमारतों से ऊंची रहे. PM मोदी ने कहा कि सेवा तीर्थ की इमारतें जमीन से जुड़ी हैं, पहाड़ पर नहीं, और यहां से जो फैसले होंगे, वे देशवासियों की अपेक्षाओं को आगे बढ़ाएंगे. उन्होंने सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन को देश की जनता को समर्पित किया.

Seva Teerth pm Modi (photo credit -google)

पीएम मोदी ने कहा कि पुराने भवनों को तोड़ने के बजाय म्यूजियम में बदल दिया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी वहां जाकर इतिहास को समझ सके. आजादी के इतने साल बाद भी केंद्र सरकार के कई मंत्रालय दिल्ली में करीब 50 अलग-अलग जगहों से काम कर रहे हैं, और हर साल सिर्फ किराए पर लगभग 1,500 करोड़ रुपये खर्च हो जाते है.सभी मंत्रालय एक साथ आने से खर्च कम होगा, समय बचेगा और कर्मचारियों की काम करने की क्षमता बढ़ेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि इन बदलावों का उद्देश्य सिर्फ नाम बदलना नहीं, बल्कि देश की सोच और दृष्टिकोण को बदलना है. उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य को गर्व के साथ जोड़ने का प्रयास है. राजपथ को कर्तव्य पथ में बदलकर नागरिकों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई है. राष्ट्रपति भवन परिसर में मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान किया गया, और पुरानी संसद को संविधान सदन नाम दिया गया. PM मोदी ने कहा कि यह परिवर्तन आजाद भारत की नई, स्वतंत्र और नागरिक-केंद्रित पहचान बनाने का प्रयास है.

Seva Teerth pm Modi (photo credit -google)

विकसित भारत 2047 सेवा और कर्तव्य से जुड़े फैसलों का वादा: पीएम

PM मोदी ने जोर देकर कहा कि यहां लिए गए फैसले हमेशा जनता के सपनों और जरूरतों को ध्यान में रखकर होने चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में शासन का केंद्र नागरिक बन चुका है, और इस भवन में लिया गया हर फैसला 140 करोड़ लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए.पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत 2047 सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, बल्कि दुनिया के सामने भारत का वादा है, और यहां बनने वाली हर नीति और फैसला सेवा की भावना से जुड़ा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब आप रिटायर होकर पीछे मुड़कर देखें, तो गर्व के साथ कह सकें कि आपने सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन में रहते हुए देश की सच्ची सेवा की.उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने भी कर्तव्य को बहुत महत्व दिया है, और कर्तव्य ही लोगों के सपनों को पूरा करने का आधार है, जिसमें समानता, ममता, राष्ट्र के प्रति समर्पण और आत्मनिर्भर भारत की भावना शामिल है.

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