Politics:हाल ही में अजित पवार की विमान हादसे में मौत हो गई और इस खबर के चार दिन बाद ही उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले रही हैं. अजित गुट ने शरद पवार के एनसीपी में विलय के दावों को टालने के लिए जल्दबाजी दिखाई है. सुनेत्रा को एकजुट करने वाली ताकत ( बाइंडिग फोर्स) बनाकर विधायकों को साथ रखने और अलग पहचान बचाने की कोशिश है.शरद पवार ने इस फैसले को नजरअंदाज करने पर नाराजगी जताई है.

शाम 5 बजे दिलाई जाएगी शपथ
एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने विधानमंडल दल की बैठक से पहले सुनेत्रा पवार से मुलाकात की. सुनेत्रा पवार को शाम 5 बजे महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी.मुंबई के विधान भवन में दोपहर 2 बजे एनसीपी विधायक दल की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया.इस बैठक में एनसीपी के 40 विधायक शामिल थे, जहां सुनेत्रा पवार को आधिकारिक रूप से नेता चुना गया. इसके बाद शाम 5 बजे उन्हें डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई जाएगी. सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह मुंबई के लोक भवन (या राजभवन परिसर) में होगा.शपथ ग्रहण से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार और महायुति गठबंधन एनसीपी के इस फैसले का पूरा समर्थन करेगी.

परिवार में कोई समस्या नहीं: शरद पवार
शरद पवार के घर बैठक शुरू हो गई है .एनसीपी (शरद पवार गुट) पहले दोनों गुटों के विलय की बात कर रही थी, लेकिन सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने की घोषणा के बाद ये चर्चा खत्म होती दिख रही है.बारामती में शरद पवार के निवास गोविंद बाग में पार्टी नेताओं की अहम बैठक हो रही है, जिसमें सांसद सुप्रिया सुले, विधायक रोहित पवार, युगेंद्र पवार और संदीप क्षीरसागर मौजूद हैं.इस बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. शरद पवार ने कहा, “भाई-भाई में कोई समस्या नहीं है, परिवार एकजुट है.”

मौत के चार दिन बाद ही शुरू हुआ कुर्सी का जंग
अजीत पवार के मौत के चार दिन बाद कुर्सी की जंग शुरू है. बता दें कि अजित पवार की मौत के महज चार दिन बाद (शनिवार, 31 जनवरी 2026) शाम 5 बजे उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं. एनसीपी विधायक दल की बैठक में उन्हें एनसीपी अध्यक्ष, विधायक दल नेता और उपमुख्यमंत्री पद सौंपा गया है. वे अजित के सभी मंत्रालयों की प्रभारी रहेंगी (वित्त मंत्रालय अब सीएम देवेंद्र फडणवीस के पास रहेगा).प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे जैसे बड़े नेताओं ने यह फैसला लिया और सुनेत्रा को ऑनलाइन बैठक में राजी किया गया.

28 जनवरी को हुआ था अजीत पवार का निधन
बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया.बुधवार (28 जनवरी 2026) को बारामती एयरपोर्ट के पास लियरजेट 45 विमान क्रैश हो गया, जिसमें एनसीपी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई. विमान में सवार पायलट, को-पायलट, पीएसओ और फ्लाइट अटेंडेंट समेत सभी पांच लोगों की जान गई.अजित पवार महायुति सरकार में वित्त, योजना जैसे अहम विभाग संभालते थे और एनसीपी (अजित गुट) के सबसे बड़े नेता थे.
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