Politics:लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने राहुल गांधी को सदन में बोलने नहीं दिया और पीएम मोदी का संबोधन टाल दिया, जो पक्षपात को दर्शाता है.विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई है और जल्द ही लोकसभा महासचिव को नोटिस सौंपने की तैयारी है.अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए स्पीकर को कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक आवेदन देना होगा.विपक्ष के पास 240 से अधिक सांसद हैं, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पास होना मुश्किल है.

ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी
विपक्षी पार्टियां लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. उनका आरोप है कि स्पीकर सदन में पक्षपात करते हैं, खासकर राहुल गांधी को बोलने नहीं देने के मामले में. इस मुद्दे पर संसद में हंगामा हो रहा है.विपक्ष का कहना है कि स्पीकर का एक बयान भी विवाद का कारण बना है, जिस पर काफी चर्चा हो रही है. विपक्ष ने यह आरोप ऐसे समय पर लगाया है, जब राहुल गांधी को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है. इस मुद्दे पर संसद में बीते कई दिनों से हंगामा हो रहा है और लोकसभा स्पीकर के खिलाफ विपक्ष में नाराज़गी जताते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं.

स्पीकर ने राहुल गांधी को बोलने से रोका
लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने चीन से टकराव के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का हवाला दिया.उन्होंने दावा किया कि डोकलाम में चीनी टैंक घुस आए थे. सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसके बाद स्पीकर ने राहुल गांधी को बोलने से रोक दिया.

इस पर हंगामा हुआ, और विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को बोलने से रोकना परंपरा का उल्लंघन है और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बोलने से रोका जा रहा है. हंगामे के दौरान विपक्षी सांसदों ने आसन की तरफ कागज उछाले, जिसके बाद आठ विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया. अब विपक्ष का हंगामा जारी है, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है.

स्पीकर के बयान पर हुआ विवाद
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आने से रोका था, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि कांग्रेस सांसद उनके साथ कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं.बिरला ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री के आसन पर जाकर कुछ कर सकते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है.उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता, तो यह लोकतंत्र के लिए काला दिन होता. विपक्षी सांसदों ने इस बयान की कड़ी आलोचना की है.
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