Pm Modi:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास पर सवाल उठाए है. उन्होंने कहा है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को खत्म किया जा रहा है, जिससे ऐतिहासिक मूर्तियों को नुकसान पहुंच रहा है. खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाने की कोशिश है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर आलोचना की.उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाकर सिर्फ अपना नाम अंकित करना चाहती है.खरगे ने कहा कि यह सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि ऐतिहासिक विरासत को नष्ट करने की कोशिश है.
पीएम मोदी पर बरसे खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि गुप्त काल से जुड़े और लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा पुनर्स्थापित मणिकर्णिका घाट की प्राचीन विरासत को जीर्णोद्धार के नाम पर नष्ट किया जा रहा है.उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सौंदर्यीकरण और व्यवसायीकरण के नाम पर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट की सदियों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को ध्वस्त करने का आदेश दिया है.खरगे ने कहा, “नरेंद्र मोदी जी, आप हर ऐतिहासिक धरोहर को मिटाकर सिर्फ अपना नाम लिखवाना चाहते हैं.”
नवीनीकरण पर जारी है विवाद
मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर विवाद जारी है. जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार ने कहा कि नवीनीकरण का उद्देश्य घाट पर स्वच्छता और स्थान प्रबंधन में सुधार करना है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में शवदाह होते हैं. उन्होंने बताया कि कलाकृतियों को सुरक्षित कर लिया गया है और काम पूरा होने के बाद उन्हें पुनः स्थापित किया जाएगा.प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि पुनर्विकास योजना के तहत विध्वंस अभियान में अहिल्याबाई होलकर की शताब्दी पुरानी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया है, जिसे जिला प्रशासन ने खारिज कर दिया है.
पानी, जंगल और पहाड़ को खतरे में डाला, अब सांस्कृतिक विरासत की बारी है: खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने पानी, जंगल और पहाड़ को खतरे में डाला, अब सांस्कृतिक विरासत की बारी है. खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार अपने व्यापारिक सहयोगियों को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा कर रही है. उन्होंने सवाल किया कि क्या विरासत को संरक्षित रखते हुए जीर्णोद्धार, सफाई और सौंदर्यीकरण नहीं किया जा सकता था?
खरगे ने सरकार को याद दिलाया कि कैसे उसने महान भारतीय हस्तियों की मूर्तियों को संसद परिसर से हटाकर एक कोने में रख दिया था.उन्होंने कहा कि विश्व का सबसे प्राचीन शहर काशी, आध्यात्मिकता, संस्कृति, शिक्षा और इतिहास का संगम है, जिसे पूरी दुनिया आकर्षित करती है.
मणिकर्णिका घाट को नष्ट करने का लगाया आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया कि जलियांवाला बाग स्मारक में नवीनीकरण के नाम पर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को मिटा दिया गया था.खरगे ने पूछा कि मणिकर्णिका घाट पर सदियों पुरानी मूर्तियां क्यों नष्ट कर दी गईं और क्या इन्हें संग्रहालय में संरक्षित नहीं किया जा सकता था?
खरगे ने कहा कि वाराणसी के घाट उसकी पहचान हैं और लाखों लोग मोक्ष प्राप्त करने के लिए काशी आते हैं.उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या वह इन श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ विश्वासघात करने का इरादा रखते हैं? खरगे ने कहा, “आपने कहा था, ” मां गंगा ने मुझे बुलाया है”.आज आप मां गंगा को भूल गए हैं.”
मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन हुआ, जिसका नेतृत्व पाल समाज समिति ने किया.मराठी समुदाय और अन्य स्थानीय समूहों ने इसका समर्थन किया.समिति के महेंद्र पाल ने दावा किया कि विध्वंस अभियान में होलकर की सौ साल पुरानी मूर्ति को हटा दिया गया.सनातन रक्षक दल के अध्यक्ष अजय शर्मा ने आरोप लगाया कि घाट पर कई प्रतिष्ठित मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया.
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है.उन्होंने आरोप लगाया कि जीर्णोद्धार के नाम पर ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट को नष्ट किया जा रहा है, जिसे शहर की आत्मा और सनातन संस्कृति पर हमला बताया. मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म के सबसे पवित्र श्मशान घाटों में से एक है, जो मोक्ष प्रदान करता है और इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत ज्यादा है.
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