Pm Modi:भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार हो गई है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत हो रहे हैं.पीएम मोदी ने इस पर खुशी जताई है और कहा है कि इससे मेक इन इंडिया को बल मिलेगा और किसानों और एमएसएमई को नए अवसर मिलेंगे.

अमेरिका और भारत के ट्रेड डील पर बोले मोदी
भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति जताई है.पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम दो महान देशों के बीच इस समझौते पर पहुंचे हैं. मैं राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है. यह समझौता हमारी साझेदारी की मजबूती, विश्वास और प्रगति को दिखाता है.” इस समझौते से भारत के किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप और मछुआरों के लिए नए अवसर खुलेंगे. इसके साथ ही, यह “मेक इन इंडिया” पहल को भी मजबूती देगा.

पीएम ने की मेक इन इंडिया को मजबूत करने की बात
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता “मेक इन इंडिया” को मजबूती देगा.पीएम मोदी ने कहा है कि यह समझौता किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप और मछुआरों के लिए नए अवसर लाएगा. इसके साथ ही, यह महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा करेगा.भारत और अमेरिका नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह समझौता निवेश और तकनीकी साझेदारी को गहरा करेगा.

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के प्रमुख बिंदु
अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा बाजार मिलेगा.अमेरिका का 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार अब एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए खुला है.निर्यात बढ़ने से लाखों नए रोजगार, खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए पैदा होंगे. जेनेरिक दवाएं, हीरे-जवाहरात और विमान के पुर्जों पर टैरिफ 0% होगा. टेक्सटाइल, रेडीमेड कपड़े, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी में अवसर बढ़ेंगे.गेहूं, चावल, मक्का, दूध, पनीर, पोल्ट्री और अन्य संवेदनशील उत्पादों पर कोई समझौता नहीं.

अमेरिका के कृषि और औद्योगिक सामान पर टैरिफ घटाए जाएंगे, जैसे मेवे, फल, सोयाबीन तेल, शराब और पशु आहार. डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले जीपीयू, अन्य तकनीकी सामान और डिजिटल व्यापार में सहयोग बढ़ेगा. दोनों देश मिलकर सप्लाई चेन मजबूत करेंगे और तीसरे देशों की नीतियों से सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे.अगले 5 साल में भारत 500 अरब डॉलर का ऊर्जा, विमान, धातु, तकनीक और कोल का सामान अमेरिका से खरीदेगा.ढांचे को तुरंत लागू किया जाएगा और भविष्य में पूरा द्विपक्षीय व्यापार समझौता फाइनल करने की दिशा में काम होगा.
ये भी पढ़ें:PM मोदी मां अपशब्द विवाद और अमित शाह की प्रतिक्रिया

