Pm Modi: पीएम मोदी का आज ओमान के दौरे का दूसरा दिन है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भारत‑ओमान के बीच एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं. इस मौके पर मोदी ने कहा कि यह समझौता 21वीं सदी में दोनों देशों के रिश्ते में नई ऊर्जा और विश्वास का स्रोत बन जाएगा, जिससे सहयोग में नई उत्सुकता का संचार होगा.

ओमान बिजनेस फोरम पर पीएम ने किया संबोधित
भारत‑ओमान व्यापार मंच को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा और गति देगा, जिससे द्विपक्षीय संबंध नई ऊँचाइयों को छुएँगे. उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से ही हमारे पूर्वज समुद्र के माध्यम से एक‑दूसरे के साथ व्यापार करते आए हैं. मांडवी और मस्कट के बीच अरब सागर ने एक ठोस सेतु का काम किया, जिसने हमारे सांस्कृतिक और आर्थिक बंधनों को और मजबूत किया. आज हम यह कह सकते हैं कि समुद्र की लहरें और मौसम बदलते रहते हैं, पर भारत और ओमान की दोस्ती हर परिस्थिति में दृढ़ रहती है.
“दोनों देशों के व्यापार को मिलेगी नई गति..”
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों राष्ट्रों के बीच व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी, क्योंकि उनका बंधन भरोसे की ठोस आधारशिला पर खड़ा है और समय के साथ और गहरा हुआ है. हमारे राजनयिक संबंधों को सात दशक हो चुके हैं.उन्होंने कहा, “आज हम एक ऐतिहासिक निर्णय ले रहे हैं, जिसकी प्रतिध्वनि आगे कई पीढ़ियों तक सुनाई देगी. व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता 21वीं सदी में हमारे सहयोग में नई विश्वास और नई शक्ति लाएगा। इससे व्यापार को गति मिलेगी और निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा.”
पिछले ग्यारह वर्षों में भारत ने केवल नीतियों में ही परिवर्तन नहीं किया, बल्कि अपनी आर्थिक संरचना को भी पूरी तरह बदल दिया है. वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने भारत को एकीकृत बाजार में परिवर्तित कर दिया है, और दिवालिया संहिता ने पारदर्शिता को बढ़ावा देकर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है.
ओमान की राजधानी मस्कट में भारतीय जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज हम एक परिवार की तरह एक साथ आए हैं. भारत की बहुरूपता हमारी संस्कृति की मजबूत बुनियाद है. हर दिन हमारे लिए नई रंगीनता लेकर आता है, हर ऋतु एक उत्सव बन जाता है, और प्रत्येक रिवाज़ नई सोच के साथ प्रकट होता है. इसलिए हम भारतीय जहाँ भी जाएँ, जहाँ भी रहें, विविधता का सम्मान करते हैं.हम स्थानीय रीति‑रिवाज़ और नियमों के साथ पूरी तरह घुल‑मिल जाते हैं. आज मैं ओमान में यही देख रहा हूँ.”
ओमान भारत की संबंधों की तारीफ
भारत‑ओमान के रिश्तों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम यहाँ “मैत्री पर्व” का आयोजन कर रहे है. इस पर्व में M – समुद्री विरासत (Maritime Heritage), A – आकांक्षा (Aspiration), I – नवाचार (Innovation), T – विश्वास और तकनीक(Trust and Technology), R – सम्मान(Respect), तथा I – समावेशी विकास (Inclusive Growth) के अर्थ छिपे हैं. यह उत्सव दोनों राष्ट्रों की मित्रता और साझा सांस्कृतिक व आर्थिक भविष्य का प्रतीक है.
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत‑ओमान के संबंध व्यापार से शुरू हुए और अब शिक्षा के माध्यम से और भी गहरे हुए हैं. ओमान में स्थित भारतीय विद्यालयों में लगभग 46 हज़ार विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिनमें ओमान में रहने वाले विभिन्न समुदायों के बच्चे भी शामिल हैं.
इसके बाद उन्होंने भारत के तीव्र आर्थिक विकास का उल्लेख किया और कहा कि भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है. उन्होंने अपने कार्यकाल में आई आई टी, आई आई एम और ए एम एस संस्थानों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि को भी रेखांकित किया.
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