Mayawati:मायावती ने हाल ही में कांग्रेस और सपा पर हमला बोला बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस और सपा पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि ये पार्टियां दलितों का सिर्फ इस्तेमाल करती हैं और उनके हितों की बात नहीं करती.मायावती ने कांशीराम को भारत रत्न दिए जाने की मांग की और कहा कि कांग्रेस और सपा इस मांग का समर्थन नहीं कर रही हैं क्योंकि वे दलितों का सिर्फ इस्तेमाल करना चाहती है.
मायावती ने कांग्रेस पर साधा निशाना
मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां दलित विरोधी हैं और वे सिर्फ वोट बैंक की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि ये पार्टियां बसपा के संस्थापक कांशीराम की जयंती मनाकर और उन्हें भारत रत्न देने की मांग करके बसपा को खत्म करना चाहती हैं.
मायावती ने लिखा कि कांग्रेस पार्टी केंद्र में सरकार में रहते हुए भी कांशीराम को भारत रत्न नहीं दे सकी, अब दूसरी पार्टी की सरकार से देने की मांग कर रही है, जो हास्यास्पद है. उन्होंने कहा कि ये पार्टियां शुरू से ही बसपा को खत्म करने में लगी हुई हैं, लेकिन बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के जीते-जी कोई भी पार्टी बसपा को हिला नहीं सकती है.
मायावती ने कहा कि कांशीराम ने बसपा की नींव रखी थी और वे उनकी उत्तराधिकारी है.उन्होंने कहा कि वे बसपा को मजबूत बनाने के लिए काम करती रहेंगी और दलितों के हितों की रक्षा करेंगी.
कुछ दलित नेताओं को कहा कांग्रेस का “चमचा”
मायावती ने कुछ दलित नेताओं को सपा और कांग्रेस का “चमचा” कहा दरअसल ,मायावती ने अपनी पोस्ट में कुछ दलित नेताओं का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि जो नेता सपा और कांग्रेस के साथ हैं, वे सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए काम कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि ये नेता दलितों के हितों की बात नहीं करते और सिर्फ अपनी पार्टी के हितों की सोचते है.
मायावती ने भाजपा का जिक्र नहीं किया हैरानी की बात है कि मायावती ने अपनी पोस्ट में एक बार भी भाजपा का जिक्र नहीं किया, जबकि भाजपा भी एक प्रमुख पार्टी है जो दलितों के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है.मायावती का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है और यह देखना दिलचस्प होगा कि इसका राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ता है.
कांशीराम पर कही ये बात
मायावती ने लिखा कि सपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां कांशीराम के जीते-जी उनकी उपेक्षा करती रही, लेकिन अब उनकी जयंती मनाकर और उन्हें भारत रत्न देने की मांग करके बसपा को खत्म करना चाहती है. उन्होंने कहा कि ये पार्टियां अपने महापुरुषों को भूल गई हैं और अब कांशीराम को भुनाने में लगी हैं.मायावती ने लिखा कि बसपा सरकार द्वारा कांशीराम के सम्मान में किए गए कार्यों को सपा सरकार ने बदल दिया है, जो इन पार्टियों के दोहरे चरित्र को दर्शाता है.उन्होंने कहा कि जो लोग सपा और कांग्रेस के साथ हैं, वे दलितों के हितों की बात नहीं करते, बल्कि सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए काम करते हैं.
मायावती ने दलित नेताओं को सलाह दी कि वे सपा और कांग्रेस से दूरी बनाए रखें और बसपा के साथ खड़े रहे. उन्होंने कहा कि कांशीराम ने “चमचा युग” नामक किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने ऐसे लोगों की आलोचना की है जो सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए काम करते है.
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