LPG crisis:मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण भारत में एलपीजी गैस की कमी की खबरें आ रही हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है. हालांकि, सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में नए नियमों के बारे में दावा किया जा रहा है, लेकिन सरकार ने इसे अफवाह बताया है. तो चलिए आपको बताते हैं आखिरकार क्या है पूरा मामला?

क्या पूराने नियम में हुए हैं बदलाव?
सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि घरेलू एलपीजी सिलिंडर (14.2 किलोग्राम) की डिलीवरी समय को 25 दिन से बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए यह लिमिट 45 दिन बताई जा रही है.लेकिन सरकार ने इसे अफवाह बताया है और कहा है कि नियम पहले जैसे ही हैं.

सरकार ने किया स्पष्ट
नए नियम के मुताबिक गैस सिलिंडर की डिलीवरी 35 दिन में होगी, ऐसा दावा किया जा रहा है, लेकिन सरकार ने इसे अफवाह बताया है. पहले ये समय सीमा 21 दिन थी, जिसे बढ़ाकर 25 दिन किया गया था. उज्ज्वला योजना वाले लोगों के लिए अलग नियम है.सरकार का कहना है कि नियम पहले जैसे ही हैं, इसलिए चिंता की बात नहीं है.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी रिफिल बुकिंग की समयसीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है.कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्टों में दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शनों के लिए 45 दिन, सिंगल बॉटल कनेक्शनों (जिनके पास एक गैस कनेक्शन पर एक सिलिंडर है) के लिए 25 दिन और गैर-पीएमयूवाई डबल बॉटल कनेक्शनों (जिनके पास एक गैस कनेक्शन पर दो सिलिंडर है) के लिए 35 दिन की समयसीमा है.

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इसे गलत बताया है और कहा है कि ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है. नियम पहले जैसे ही हैं, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है.
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन वाले लोगों को भी बाकी सभी की तरह 25 दिनों बाद ही गैस सिलिंडर मिलेगा. इसका मतलब है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए कोई अलग नियम नहीं है, और उन्हें भी सामान्य उपभोक्ताओं की तरह ही गैस सिलिंडर की डिलीवरी मिलेगी.
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