Iran:मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बीच, ईरान ने अमेरिका के साथ सभी कूटनीतिक बातचीत बंद करने का फैसला किया है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका पर भरोसा तोड़ने और धोखा देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बातचीत के दौरान हमले किए, जिससे शांति की संभावनाएं खत्म हो गई हैं. तो चलिए आज हम आपको इस आर्टिकल में बताते हैं कि आखिरकार क्या है पूरा मामला?
ईरान के विदेश मंत्री ने ट्रम्प पर निकाली भड़ास
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर एक वीडियो जारी कर कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत हमेशा के लिए खत्म हो गई है. उन्होंने कहा, “अमेरिका ने हमसे वादा किया था कि हमला नहीं होगा, लेकिन उन्होंने हम पर हमला किया.” अरागची ने आगे कहा कि हालिया हमलों ने ईरान और अमेरिका के बीच बची हुई कूटनीतिक गुंजाइश को भी खत्म कर दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछले साल जून में बातचीत के दौरान भी धोखा दिया था और इस साल भी वादे के खिलाफ हमला किया.

लगाया धोखा देने का आरोप
अरागची ने कहा कि हालिया हमलों ने ईरान और अमेरिका के बीच बची हुई कूटनीतिक संभावना को खत्म कर दिया है. उन्होंने कहा, “पिछले साल जून में हमने अमेरिका के साथ बातचीत की थी, लेकिन उन्होंने बीच में ही हम पर हमला कर दिया. इस साल उन्होंने कहा कि हालात अलग हैं और वादा किया कि हम पर हमला नहीं करेंगे.उन्होंने ईरान के परमाणु मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की बात कही थी.” अब्बास अरागची ने कहा, “हमने उनकी बात पर भरोसा किया, लेकिन तीन दौर की बातचीत के बाद, जब सब कुछ ठीक चल रहा था, तभी उन्होंने हम पर हमले शुरू कर दिए.” अरागची ने कहा, “अब अमेरिका के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है. यह अब हमारे एजेंडे में नहीं है.”

4 हफ्ते पहुंची जंग
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग चौथे हफ्ते में पहुंच गई है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले कर रहे है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों पर हमला करता है, तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जो दुनिया की 20% तेल आपूर्ति संभालता है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि अगर ईरान स्ट्रेट नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके बिजली ढांचे पर हमले कर सकता है, जिससे तनाव और बढ़ गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके बिजली ढांचे पर हमले कर सकता है, जिससे तनाव और बढ़ गया है. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने जवाब में कहा है कि अगर ऐसा होता है, तो ईरान क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों के ऊर्जा और पानी के ठिकानों पर हमले बढ़ा देगा. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने चेतावनी दी है कि बिजली संयंत्रों पर हमला करना युद्ध अपराध माना जा सकता है, क्योंकि यह एक अंधाधुंध और असंतुलित कार्रवाई होगी.
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