Health Tips:अक्सर ब्लड रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य होने से यह नहीं माना जा सकता कि शरीर में आयरन की कमी नहीं है. बल्कि आयरन का काम सिर्फ खून बनाना नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.आयरन की कमी होने पर हृदय और मस्तिष्क जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे वे कमजोर हो सकते हैं.

आयरन की कमी के लक्षण
डॉक्टर के अनुसार, रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य होने के बावजूद शरीर में आयरन की कमी हो सकती है, जो काफी चौंकाने वाली बात है. उन्होंने बताया कि हीमोग्लोबिन का कम होना आयरन की कमी का आखिरी चरण होता है, इससे पहले शरीर कई सूक्ष्म संकेतों के जरिए चेतावनी देना शुरू कर देता है. इन लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है, क्योंकि ऑक्सीजन की कमी से अंगों को स्थायी नुकसान हो सकता है.आयरन की कमी के शुरुआती लक्षणों में सुबह उठते ही थकान महसूस होना और शरीर रिचार्ज न होना शामिल है. इसके अलावा, सीढ़ियां चढ़ने या थोड़ा काम करने पर छाती में धड़कन तेज होना, एक्सरसाइज करने की हिम्मत न होना, और मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना भी प्रमुख लक्षण हैं। ये सभी लक्षण शरीर में कम ऑक्सीजन सप्लाई के कारण होते है.

आयरन की कमी का मस्तिष्क और व्यवहार पर काफी असर पड़ता है.जब मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो यह धीमा काम करने लगता है और फोकस कमजोर हो जाता है.डॉक्टर के अनुसार, ऐसे में व्यक्ति को मीठा खाने की इच्छा बढ़ जाती है, क्योंकि शरीर ऊर्जा के लिए तुरंत ऊर्जा की तलाश करता है.इसके अलावा, महिलाओं में मासिक धर्म के बाद भी लंबे समय तक कमजोरी बनी रहना आयरन की कमी का एक बड़ा संकेत है.

बाहरी शारीरिक लक्षण भी आयरन की कमी की चेतावनी देते हैं.डॉक्टर के अनुसार, मुंह के कोने फटना या जीभ में लगातार जलन महसूस होना आयरन की कमी के स्पष्ट संकेत है.इसके अलावा, मांसपेशियों की कमजोरी के कारण रोजमर्रा के छोटे काम भी मुश्किल हो जाते है. ये लक्षण बताते हैं कि शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर गिरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
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