Rajpal Yadav:राजपाल यादव की तिहाड़ जेल यात्रा ने उनके फैंस को झकझोर दिया है. बॉलीवुड के इस कॉमेडी किंग ने एक छोटे से शहर से निकलकर बड़ा नाम कमाया, लेकिन अब वे तिहाड़ जेल में है. उनके चाहने वाले जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि वे इतनी बड़ी मुसीबत में घिर गए? तो चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताते हैं कि आखिरकार क्या है पूरा मामला?
क्यों जेल गए राजपाल यादव?
राजपाल यादव की फिल्मों में उनकी एक्टिंग हमेशा से ही दर्शकों को आकर्षित करती है, और “हेराफेरी” में उनका किरदार तो वाकई यादगार है. वे इस फिल्म में 21 दिन में पैसे डबल करने के लिए अक्षय कुमार से 30 लाख रुपये लेते हैं, लेकिन उनकी सारी उम्मीदें 21वें दिन धोखे में बदल जाती है.फिल्म में राजपाल का किरदार बड़े-बड़े सपने देखता है – 30 लाख रुपये से 60 लाख बन जाएंगे, सारे कर्ज टूट जाएंगे, और बहन की शादी भी धूमधाम से होगी.लेकिन हकीकत में वे अपने 30 लाख रुपये भी गंवा देते हैं, और उनकी सारी उम्मीदें टूट जाती है.यह फिल्म का एक दिलचस्प पहलू है, जहां राजपाल का किरदार अपनी ही गलतियों का शिकार हो जाता है.लेकिन यही तो उनकी एक्टिंग की खासियत है – वे हर किरदार को इतनी जीवंतता से निभाते हैं कि दर्शक उनके साथ जुड़ जाते हैं.

एक्टर ने किया सरेंडर
राजपाल यादव की जिंदगी में सबकुछ ठीक चल रहा था – वे बड़े-बड़े कलाकारों के साथ काम कर रहे थे, पैसे भी अच्छे मिल रहे थे, और उनकी एक्टिंग की तारीफ हो रही थी. लेकिन साल 2010 में उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने उनकी जिंदगी को बदल दिया. उन्होंने अपनी खुद की फिल्म “अता-पता लापता” बनाने का फैसला किया, जिसमें वे प्रोड्यूसर और एक्टर दोनों थे.इस फिल्म के लिए उन्होंने 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, लेकिन फिल्म फ्लॉप हो गई और वे कर्ज नहीं चुक पाए. यही कर्ज अब उनके लिए मुसीबत बन गया है, और उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा है. यह देखना दिलचस्प है कि कैसे एक गलत फैसला किसी की जिंदगी को इतना बदल सकता है.

राजपाल यादव की मुश्किलें तब शुरू हुई जब उनकी फिल्म “अता-पता लापता” 2012 में रिलीज होकर फ्लॉप हो गई. उन्होंने M/s Murli Projects Pvt Ltd से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था, लेकिन अब वे इसे चुकाने में असमर्थ है. राजपाल का आरोप है कि उनके साथ हेराफरी हुई है, जबकि कंपनी का कहना है कि उन्होंने लोन लिया था और अब उसे चुकाना होगा.
चेक बाउंस से बिगड़ा मामला
राजपाल यादव की मुश्किलें तब और बढ़ गई जब उनके चेक बाउंस होने लगे. उन्होंने M/s Murli Projects Pvt Ltd से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था, लेकिन फिल्म फ्लॉप होने के बाद वे इसे चुकाने में असमर्थ हो गए. उनकी कंपनी ने जो चेक जारी किए थे, वे बाउंस हो गए, जिससे मामला कोर्ट तक पहुंच गया.

2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को चेक बाउंस के मामले में दोषी करार दिया और 6 महीने की सजा सुनाई. राजपाल यादव को जेल जाना पड़ा, लेकिन बाद में जमानत मिल गई. उनकी पत्नी को जेल नहीं भेजा गया क्योंकि उन्होंने सिर्फ चेक पर साइन किया था.अब मामला कोर्ट में चल रहा है, और राजपाल यादव की देनदारी 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जिसमें ब्याज और पेनाल्टी भी शामिल है.
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