Wednesday, February 11, 2026

Maharashtra: अजित पवार के निधन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण! इस पार्टी ने हासिल की बंपर जीत

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Maharashtra:महाराष्ट्र के जिला परिषद चुनावों में एनसीपी ने अच्छा प्रदर्शन किया है, अजित पवार के निधन के बाद सहानुभूति की लहर ने पार्टी को 165 सीटें दिलाई.बीजेपी
225 सीटों के साथ आगे है.

अजित पवार के निधन पर बदले राजनीतिक समीकरण

अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है.महाराष्ट्र के जिला परिषद चुनावों में एनसीपी ने अच्छा प्रदर्शन किया है.सहानुभूति की लहर ने पार्टी को 172 सीटें दिलाई, जिससे पुणे जिले और पश्चिमी महाराष्ट्र में पार्टी का प्रभाव बढ़ा है. एनसीपी ने 12 जिला परिषदों में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है.

Maharashtra (Photo credit -google)

ये पार्टी रही सबसे आगे

महाराष्ट्र के 12 जिला परिषदों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 225 सीटें जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया है. एकनाथ शिंदे की शिवसेना 162 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि कांग्रेस को 55 सीटें मिली.उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को 46 सीटें और एनसीपी के शरद पवार गुट को 21 सीटें मिली है.इस चुनाव में बीजेपी की जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और राज्य सरकार के जनकल्याणकारी कार्यो की जीत के रूप में देखा जा रहा है.मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत पर महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया है.

Maharashtra (Photo credit -google)

महाराष्ट्र के जिला परिषद चुनावों में सतारा में बीजेपी ने 23 सीटें जीतकर बढ़त बनाई, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को 13 और एनसीपी को 21 सीटें मिली. कोल्हापुर में एनसीपी ने 20 सीटें जीतीं, कांग्रेस ने 14 और बीजेपी ने 12 सीटें हासिल की है.
सोलापुर में बीजेपी ने पहली बार अपने दम पर जिला परिषद की सत्ता हासिल की, 68 में से 38 सीटें जीती. सांगली में शरद पवार की एनसीपी सबसे बड़ी पार्टी बनी, बीजेपी को 16 सीटें मिली. महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर रही, महायुति 31 सीटों के साथ आगे रही.

Maharashtra (Photo credit -google)

कैसे हुआ अजित पवार का निधन?

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनकी और 4 अन्य लोगों की मौत हो गई.यह हादसा तब हुआ जब अजित पवार को ले जा रहा विमान लैंडिंग करने जा रहा था. विमान हादसे अक्सर टेक ऑफ और लैंडिंग के दौरान होते हैं, क्योंकि ये दोनों चरण सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं. इस दौरान विमान कम ऊंचाई पर होता है और पायलट को बहुत कम समय में कई अहम फैसले लेने पड़ते हैं.टेक ऑफ के दौरान इंजन की पूरी क्षमता पर निर्भरता रहती है, जबकि लैंडिंग के समय गति, संतुलन, रनवे की स्थिति और मौसम का बड़ा योगदान होता है.तकनीकी खराबी, खराब मौसम या मानवीय चूक इन चरणों में हादसे की आशंका बढ़ा देते हैं. इसी वजह से विमानन विशेषज्ञ टेक ऑफ और लैंडिंग को फ्लाइट का सबसे क्रिटिकल फेज मानते हैं.

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