Pm Modi:परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए. उन्होंने कहा कि सीखना एक जीवनपर्यंत चलने वाली यात्रा है और शिक्षकों के साथ मिलकर सीखने पर जोर दिया.इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा तनाव कम करना और उन्हें करियर से जुड़े मार्गदर्शन देना है.प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को परीक्षा को उत्सव की तरह मनाने, दूसरों से नहीं बल्कि खुद से प्रतिस्पर्धा करने, और तकनीक का सही उपयोग करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि परीक्षा को डर के रूप में नहीं, बल्कि एक अवसर के रूप में देखना चाहिए.

परीक्षा पे चर्चा पर बोले पीएम मोदी
परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे सत्र का प्रसारण आज हुआ, जिसे प्रधानमंत्री के आधिकारिक YouTube चैनल और दूरदर्शन पर देखा जा सकता है. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि देश के छात्र 2047 के लिए विजन रखते हैं और एक विकसित देश बनने के लिए अपनी आदतों को बदलने की जरूरत है.प्रधानमंत्री ने छात्रों को जीवन में अनुशासन के महत्व के बारे में बताया और कहा कि अनुशासन प्रेरणा को और भी मजबूत बनाता है. उन्होंने कहा कि अगर अनुशासन नहीं है, तो प्रेरणा भी बोझ बन जाती है और निराशा पैदा करती है.इस दूसरे एपिसोड की शुरुआत तमिलनाडु के स्टूडेंट्स के साथ हुई, जिसके बाद पीएम मोदी रायपुर गए और वहां से गुजरात पहुंचे.
नींद लेने की सलाह पर बोले पीएम
परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे सत्र में पीएम मोदी ने छात्रों को नींद के महत्व के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि अच्छी नींद लेने से दिमाग में नए विचार आते हैं और सोच ताज़ा रहती है.इससे तनाव भी कम होता है, इसलिए खूब हंसना और अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है.एक छात्र ने एआई के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई, जिस पर पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी चीज से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उसका सही तरीके से इस्तेमाल करना सीखना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमें एआई का गुलाम नहीं बनना है, बल्कि इसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करना चाहिए.

पढ़ाई को प्रभावी बनाने का अनोखा तरीका बताया
परीक्षा पे चर्चा 2026 में पीएम मोदी ने रिवीजन के बारे में छात्रों को कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए. उन्होंने कहा कि परीक्षा से एक हफ्ते पहले से ही नियमित रूप से रिवीजन शुरू कर देना चाहिए.उन्होंने खेल का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे खिलाड़ी लगातार अभ्यास से बेहतर बनता है, वैसे ही पढ़ाई में भी लगातार अभ्यास जरूरी है.पढ़ाई को और भी प्रभावी बनाने के लिए पीएम मोदी ने एक अनोखा तरीका बताया- अगर आपको कोई विषय कमजोर लगता है, तो उस विषय को किसी दोस्त को सिखाने की कोशिश करें. उन्होंने कहा कि दूसरों को पढ़ाने से आपकी अपनी समझ और मजबूत होती है और कॉन्सेप्ट लंबे समय तक याद रहते हैं.

परीक्षा पे चर्चा भारत के सबसे बड़े शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों में से एक बन गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के परीक्षा तनाव को कम करना है. इस कार्यक्रम में अभिभावक और शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं, जिससे एक साझा मंच बनता है.अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा पे चर्चा कोई प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह एक खुला मंच है जहां सीखने, दबाव और मानसिक मजबूती के बारे में खुलकर बातचीत की जा सकती है. यह कार्यक्रम छात्रों को अपने विचार व्यक्त करने और दूसरों से सीखने का अवसर प्रदान करता है.

इस वर्ष परीक्षा पे चर्चा को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है, जिसमें 4.5 करोड़ से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया है.यह आंकड़ा पिछले साल बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी अधिक है.आंकड़ों के मुताबिक, 4.19 करोड़ से अधिक छात्र, लगभग 24.84 लाख शिक्षक और करीब 6.15 लाख अभिभावक इस पहल से जुड़ चुके हैं.इस बड़ी भागीदारी से यह साफ दिखाई देता है कि परीक्षा के दबाव को कम करने में यह कार्यक्रम कितना लोकप्रिय हो चुका है. परीक्षा पे चर्चा के एपिसोड 2 में भारत के छात्रों को एक साथ लाया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, गुजरात और असम के छात्रों से सीधी बातचीत की. इस सत्र में छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और परीक्षा की तैयारी में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच बनाए रखने के लिए जरूरी सलाह ली.
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