Friday, August 29, 2025

बिहार चुनाव 2025 से पहले CM नीतीश कुमार का मास्टर स्ट्रोक: हर परिवार की महिला को मिलेगा 10 हजार रुपये

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Hemant Raushan
Hemant Raushan
Delhi-based content writer at The Rajdharma News, with 5+ years of UPSC CSE prep experience. I cover politics, society, and current affairs with a focus on depth, balance, and fact-based journalism.

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। राज्य सरकार ने नई महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत हर परिवार की एक महिला को आर्थिक सहायता दी जाएगी। शुरुआती चरण में सितंबर से 10 हजार रुपये की पहली किस्त सीधे महिलाओं के खाते में भेजी जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन के आधार पर दो लाख रुपये तक अतिरिक्त मदद दी जाएगी। सरकार का दावा है कि यह कदम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और परिवार की आमदनी बढ़ाने की दिशा में गेमचेंजर साबित होगा। इस घोषणा को चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि विपक्ष पहले ही इसे नीतीश कुमार का मास्टर स्ट्रोक बता रहा है।

रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद योजना को लागू करने की आधिकारिक मंजूरी मिल गई। इस योजना का मकसद महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए पूंजी उपलब्ध कराना है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं इसका लाभ ले सकेंगी। पहली किस्त में जहां हर महिला को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे, वहीं छह महीने के भीतर आकलन कर बेहतर काम करने वालों को दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। “यह योजना महिलाओं को आर्थिक संबल और परिवार को स्थिर आय देगी,” अधिकारियों ने कहा। इस कदम से बिहार चुनाव 2025 में महिला मतदाताओं को साधने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है।

महिलाओं के लिए हाट-बाजार का निर्माण

सरकार ने यह भी तय किया है कि महिलाओं के बनाए गए उत्पादों की बिक्री के लिए गांव से शहर तक हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे। इससे महिलाएं आसानी से अपने सामान को बेच सकेंगी और स्थायी रोजगार पा सकेंगी। नीतीश सरकार का मानना है कि इस योजना से न सिर्फ महिला सशक्तिकरण होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा होगा। इससे राज्य से बाहर पलायन की समस्या पर भी अंकुश लगेगा। यह कदम बिहार चुनाव 2025 महिला रोजगार योजना को सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रखता बल्कि एक स्थायी व्यापारिक मंच भी देता है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ट्वीट और संदेश

नीतीश कुमार ने स्वयं सोशल मीडिया पर पोस्ट कर योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि 2005 से उनकी सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार काम किया है और अब इस योजना से महिलाओं को नई दिशा मिलेगी। “हमारी कोशिश है कि हर परिवार की महिला अपने पैरों पर खड़ी हो सके और बिहार की प्रगति में योगदान दे,” उन्होंने कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ग्रामीण विकास विभाग इस योजना के क्रियान्वयन में मुख्य भूमिका निभाएगा और नगर विकास विभाग भी इसमें सहयोग करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा सीधे महिला वोट बैंक को प्रभावित करेगी और बिहार चुनाव 2025 में बड़ा असर डालेगी।

चुनाव से पहले राजनीतिक रणनीति पर चर्चा

राजनीतिक हलकों में इस घोषणा को चुनाव से पहले किया गया मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। विपक्ष इसे चुनावी लाभ लेने की कोशिश बता रहा है, लेकिन समर्थकों का कहना है कि यह महिलाओं के जीवन स्तर को बदलने वाली योजना साबित होगी। बिहार चुनाव 2025 महिला रोजगार योजना के जरिए नीतीश कुमार ने दिखाया है कि वह महिलाओं को सिर्फ वोटर नहीं बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। आने वाले समय में यह तय होगा कि यह योजना जमीनी स्तर पर कितना असर डालती है, लेकिन फिलहाल इसने चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।

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