New Delhi: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा विवादों में आ गई है। दरभंगा जिले से निकली इस यात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल सुनाई दे रहा है। हालांकि मंच पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी या तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेता उस समय मौजूद नहीं थे, लेकिन भीड़ में से एक व्यक्ति माइक पर अभद्र भाषा बोलता सुनाई दिया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने उसे रोकने की कोशिश भी की, लेकिन देर हो चुकी थी। भाजपा ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कांग्रेस और राजद पर तीखा हमला बोला है और कहा है कि यह चुनावी राजनीति का नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और भाजपा का आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो दरभंगा जिले का बताया जा रहा है, जहां से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तेजस्वी यादव मोटरसाइकिल पर यात्रा की शुरुआत करने निकले थे। वीडियो में अपशब्द बोलने वाला व्यक्ति दिखाई नहीं देता, लेकिन उसकी आवाज साफ सुनाई देती है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह सब विपक्षी गठबंधन की मानसिकता को दर्शाता है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि “यह भीड़ का नहीं बल्कि राजद की गुंडागर्दी का नतीजा है। कांग्रेस सत्ता की अंधी चाहत में ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त कर रही है।” इस बयान ने माहौल को और गरमा दिया।

अमित शाह का सख्त बयान- हर मां का अपमान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस मामले पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि “दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माताजी के लिए कांग्रेस और राजद के मंच से जिस तरह की गालियों का प्रयोग हुआ, वह न केवल निंदनीय है, बल्कि हमारे लोकतंत्र पर कलंक है।” शाह ने आगे कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीति अपने सबसे निम्न स्तर पर पहुंच चुकी है। उनका कहना था कि “कांग्रेस को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा कि एक गरीब मां का बेटा पिछले 11 वर्षों से देश का प्रधानमंत्री है और देश को आगे बढ़ा रहा है। यह हर मां और हर बेटे का अपमान है, जिसे 140 करोड़ देशवासी कभी माफ नहीं करेंगे।” अमित शाह ने साफ कहा कि यह मर्यादा की सारी सीमाएं लांघने वाला कृत्य है।

भाजपा नेताओं का कांग्रेस और राजद पर सीधा हमला
इस विवाद के बाद भाजपा के कई नेताओं ने कांग्रेस और राजद दोनों पर हमला बोला। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से सार्वजनिक माफी की मांग की। भाजपा मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि “इंडिया गठबंधन लगातार अपमानजनक राजनीति कर रहा है। पहले ऐसे नेताओं को बुलाया गया जिन्होंने बिहार को गाली दी, और अब उनके कार्यकर्ता प्रधानमंत्री को अपशब्द कह रहे हैं।” भाजपा का कहना है कि कांग्रेस और राजद अगर इस घटना से खुद को अलग बताना चाहते हैं, तो उन्हें जिम्मेदारी लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। पार्टी का दावा है कि जनता आने वाले चुनाव में इस अभद्र राजनीति का जवाब वोट से देगी।

कांग्रेस और राजद की सफाई से और तेज हुई बहस
इस घटना पर कांग्रेस और राजद ने अपनी सफाई दी, लेकिन मामला और गरमा गया। कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि “भाजपा ही गाली-गलौज की राजनीति करती है। NDA सरकार के खिलाफ इतना आक्रोश है कि लोग मंच से अपनी भड़ास निकालने लगे हैं।” वहीं, राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ में किसने क्या कहा यह पता लगाना मुश्किल है, इसलिए जांच होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर भी पलटवार करते हुए कहा कि “भाषा की मर्यादा का उल्लंघन सबसे ज्यादा भाजपा ने किया है, इंडिया गठबंधन ने नहीं।” हालांकि इन सफाइयों के बावजूद भाजपा को एक बड़ा चुनावी मुद्दा मिल गया है, जिससे वह कांग्रेस और राजद को लगातार घेर सकती है। यह विवाद सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

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